राहुल गांधी के दावे की पड़ताल। क्या सच में ब्राजील की लड़की ने हरियाणा में किया वोट ?

दिल्ली की सर्द दोपहर थी। कांग्रेस मुख्यालय के दरवाज़े पर भीड़ थी, और अंदर विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक फाइल लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में दाखिल हुए। राहुल गांधी ने “वोट चोरी” के मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग की भूमिका पर तमाम सवाल खड़े कर दिए है ।
राहुल गांधी ने कहा “हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में 25 लाख वोट चोरी हुए हैं।” इतना कहना था कि हॉल में सन्नाटा छाया गया । सबके मन में हजारों सवाल थे। लेकिन राहुल गांधी के प्रेजेंटेशन का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा कुछ और था। उन्होंने स्क्रीन पर एक तस्वीर दिखाई, एक विदेशी लड़की की।“ये एक ब्राज़ीलियाई मॉडल है,” राहुल बोले, “जिसकी फोटो हरियाणा की वोटर लिस्ट में 10 अलग-अलग नामों और बूथों पर इस्तेमाल की गई है।” उनके मुताबिक, इसी तस्वीर से 20 वोटर आईडी बनाए गए थे। कहानी यहीं से दिलचस्प हो गई।
पहली नज़र में यह दावा अविश्वसनीय लग रहा था। एक ब्राज़ीलियाई मॉडल की तस्वीर भारत के हरियाणा में वोटर लिस्ट में कैसे आ सकती है?क्या यह सिर्फ़ एक पॉलिटिकल स्टंट था या वाकई चुनावी व्यवस्था में कोई भयानक गड़बड़ी?
यही जानने के लिए “द लोकधर्म” की टीम ने पड़ताल शुरू की। टीम ने सबसे पहले राहुल गांधी द्वारा दिखाए गए एपिक नंबरों को लिया। कुल 20 नंबर। हम सीधे निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर पहुँचे।
- एक-एक नंबर दर्ज किया गया, और जो सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया।
- सभी एपिक नंबर मौजूद थे।
- सभी नाम लिस्ट में थे।
- और लगभग सभी की फोटो एक जैसी थी। यानी वही ब्राज़ीलियाई मॉडल।
- यह सिर्फ़ गलती नहीं लग रही थी, बल्कि एक पैटर्न था।

क्या कहती है द लोकधर्म की पड़ताल
हमने आगे बढ़ते हुए उन इलाकों के स्थानीय बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) से संपर्क करने की कोशिश की। अधिकतर ने कहा कि उनकी नियुक्ति हाल ही में हुई है, इसलिए पुराने रिकॉर्ड के बारे में कुछ नहीं कह सकते। कुछ ने फोन काट दिया, कुछ ने कहा “साहब, ये ऊपर का मामला है।” “द लोकधर्म” की टीम ने यह भी पाया कि कुछ वोटर आईडी एक ही बूथ से जारी किए गए थे। यानि एक ही जगह, एक ही फोटो, लेकिन नाम और पता अलग। यह केवल डेटा एंट्री की गलती नहीं हो सकती है ।
राहुल गांधी का दावा
राहुल गांधी के मुताबिक, उनका दावा था कि कुल मिलाकर पांच कैटेगरी में 25 लाख वोट फर्जी ढंग से दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस सिर्फ़ 22,799 वोटों से हारी, और इतने बड़े पैमाने की वोट चोरी के बाद यह हार असली नहीं बल्कि व्यवस्था का नतीजा है। “व्यवस्था” — यह शब्द राहुल गांधी ने बार-बार दोहराया।
क्या यह केवल हरियाणा तक सीमित है?
चुनाव आयोग का कहना है कि वोटर लिस्ट लगातार अपडेट होती रहती है और किसी भी डुप्लीकेट को हटाने की प्रक्रिया जारी रहती है। लेकिन अगर एक ही तस्वीर से इतने कार्ड बने हैं, तो यह केवल तकनीकी चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित लापरवाही लगती है।
ब्राज़ीलियाई मॉडल पर खुलासा
वह ब्राज़ीलियाई मॉडल कौन है? थोड़ी खोजबीन के बाद पता चला कि उसकी तस्वीर इंटरनेट पर उपलब्ध है। कई वेबसाइट्स पर उसका प्रोफाइल मौजूद है, और वहीं से किसी ने उसकी इमेज डाउनलोड कर ली थी। यानि तस्वीर असली थी, लेकिन इस्तेमाल झूठे तरीके से हुआ।
यह एक नया सवाल खड़ा करता है। अगर कोई भी व्यक्ति किसी भी ओपन-सोर्स फोटो का उपयोग कर वोटर आईडी बना सकता है, तो हमारे चुनावी सिस्टम की सुरक्षा कितनी पुख्ता है?
जमीनी हकीकत
हमने जिन इलाकों की जांच की, वहाँ कई मतदाता ऐसे मिले जिनके नाम दो-दो बार दर्ज थे। कई बूथों पर वोटर लिस्ट में वही चेहरा अलग नाम से दिखा। कुछ लोगों के अनुसार उन्हें कभी वोटर आईडी मिला ही नहीं, लेकिन उनके नाम से वोट डाला जा चुका था।
यह सब सुनकर एक बात साफ़ होती गई। राहुल गांधी का दावे के पीछे कुछ वास्तविकता ज़रूर थी।
अगर फोटो वेरिफिकेशन के लिए पर्याप्त सुरक्षा फिल्टर न हों, तो कोई भी व्यक्ति गलत तस्वीर अपलोड कर सकता है। इससे यह साबित होता है कि सिस्टम में अभी भी मानवीय निगरानी बेहद ज़रूरी है।
जनता के विश्वास पर लग रहा बट्टा
भारत का लोकतंत्र पर विश्वास इस भरोसे पर टिका है कि हर वोट की गिनती ईमानदारी से होगी लेकिन अगर एक विदेशी मॉडल की तस्वीर बार-बार वोटर लिस्ट में दिखे,तो यह भरोसा कितना सुरक्षित रह जाता है? वोटर लिस्ट सिर्फ़ कागज़ का दस्तावेज़ नहीं है । यह उस नागरिक के अस्तित्व की पहचान है, जो लोकतंत्र में अपनी आवाज़ उठा सकता है।
राहुल गांधी के दावे का एक बड़ा हिस्सा सही पाया गया। फोटो वही थी, एपिक नंबर सही थे, और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी भी साबित हुई।लेकिन सवाल वहीं खड़ा है। क्या इतनी बड़ी गड़बड़ी सिर्फ़ एक राज्य तक सीमित है,या यह पूरे सिस्टम में फैली हुई है? अगर एक तस्वीर इतनी कहानियाँ सुना सकती है, तो बाकी वोटर लिस्ट में और कितने रहस्य छिपे होंगे?
– द लोकधर्म –
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