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कैसे एक ‘चाय की चुस्की’ पाकिस्तान पर पड़ी भारी ! 40 हजार तालिबानी आतंकी लौट आए पाकिस्तान!

तालिबान से दोस्ती पर इशाक डार की दो टूक – तालिबान से की गई दोस्ती पाकिस्तान के लिए बेहद महंगी साबित हुई!

चाय की चुस्की
चाय की चुस्की

पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने संसद में तालिबान को लेकर बड़ा बयान दिया है। डार ने कहा कि तालिबान से की गई दोस्ती पाकिस्तान के लिए बेहद महंगी साबित हुई है। डार के मुताबिक अफगानिस्तान से जुड़ी आतंकवादी गतिविधियों की ज़िम्मेदारी पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार पर जाती है।

डार ने संसद में 2021 की एक घटना का ज़िक्र करते हुए कहा “जब तत्कालीन ISI चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज़ हामिद काबुल गए थे, तो वहां चाय पीते हुए बोले थे सब ठीक हो जाएगा। लेकिन अफसोस, उस एक कप चाय की कीमत आज पूरा देश चुका रहा है।

इमरान खान पर साधा निशाना

डार ने कहा कि “इमरान सरकार के फैसलों ने पाकिस्तान की सीमाओं को दोबारा आतंकियों के लिए खोल दिया। उन्होंने बताया कि तालिबान के सत्ता में आने के बाद हजारों आतंकवादी पाकिस्तान लौट आए, जिनमें पाकिस्तानी तालिबान (TTP), फित्ना अल-ख्वारिज और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के सदस्य शामिल हैं।”

उन्होंने कहा कि,“उस चाय के प्याले ने हमारी सीमाएं खोल दीं। 35-40 हजार तालिबानी, जो यहां से भाग गए थे, वापस लौट आए। इमरान सरकार ने उन आतंकियों को रिहा कर दिया जिन्होंने स्वात में पाकिस्तानी झंडे जलाए थे, लोगों को बेरहमी से मारा था। आज वही आतंकी बलूचिस्तान में हमलों के सरगना बने हुए हैं।”

ISI चीफ फैज़ हामिद

15 अगस्त 2021 को जब तालिबान ने काबुल और लगभग पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था, उस वक्त पाकिस्तान पर आरोप लगा, कि उसने तालिबान को हरसंभव मदद दी।

उसी साल सितंबर की शुरुआत में तत्कालीन ISI प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज़ हामिद अचानक काबुल पहुंचे। वे वहां के सेरेना होटल में ठहरे थे। वही होटल जहां तालिबान के बड़े नेता मौजूद थे। ब्रिटेन की एक महिला पत्रकार ने वहां उनका फोटो लिया, जिसमें फैज़ हामिद चाय का कप हाथ में लिए मुस्कुराते दिखे। पत्रकार ने जब उनसे पूछा कि अफगानिस्तान की स्थिति पर उनका क्या कहना है, तो उन्होंने हल्के अंदाज़ में कहा “ऑल इज वेल।”

 

अमेरिका की नाराज़गी और फैज़ हामिद की छुट्टी

फैज़ हामिद की इस यात्रा की तस्वीरें और वीडियो कुछ ही घंटों में अंतरराष्ट्रीय मीडिया में छा गए। अमेरिकी प्रशासन और तत्कालीन पाक आर्मी चीफ जनरल बाजवा दोनों को यह पसंद नहीं आया। अमेरिका को लगा कि पाकिस्तान तालिबान के साथ मिलकर अफगानिस्तान में उसकी हार का जश्न मना रहा है।

इस विवाद के बाद अमेरिकी दबाव और आर्मी नेतृत्व की असहमति के चलते, इमरान खान को मजबूरन फैज़ हामिद को ISI प्रमुख के पद से हटाना पड़ा। यह पूरी घटना पाकिस्तान की विदेश नीति और आंतरिक सुरक्षा पर बड़ा झटका साबित हुई।

पाकिस्तान–अफगानिस्तान संबंधों में बढ़ता तनाव

डार के बयान से पहले भी पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच रिश्ते लगातार बिगड़ते जा रहे थे। दोनों देशों के बीच डूरंड लाइन को लेकर पुराना सीमा विवाद है।

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से सीमा पर झड़पें बढ़ी हैं। पिछले महीने पाकिस्तान ने एयरस्ट्राइक कीं, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए। इसके जवाब में तालिबान ने भी हमला किया। बाद में तुर्किये और क़तर की मध्यस्थता से सीज़फायर हुआ, लेकिन हिंसा पूरी तरह नहीं थमी।

 

आतंकवाद में पाकिस्तान की स्थिति और भी खराब

ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि पाकिस्तान अब दुनिया का दूसरा सबसे आतंक-प्रभावित देश बन चुका है, बुर्किना फासो के बाद। 2024 में यह चौथे स्थान पर था।

रिपोर्ट के मुताबिक

  • TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के हमलों में 90% की वृद्धि हुई है।
  • बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के हमले 60% बढ़े हैं।
  • इस्लामिक स्टेट–खुरासान (IS-K)अब पाकिस्तान के शहरों को भी निशाना बना रही है।
  • देश के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जहाँ कुल आतंकी घटनाओं का 90% हुआ।
  • रिपोर्ट में कहा गया कि 2024 में TTP ने 482 हमले किए, जिनमें 558 लोगों की मौत हुई यह आंकड़ा 2023 के मुकाबले 91% ज़्यादा है।

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Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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