Fact Check
Search

अनिल अंबानी पर ED का शिकंजा,कर्ज घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग में फंसी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की क्या है कहानी ?

अनिल अंबानी

अनिल अंबानी पर ED का शिकंजा,कर्ज घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग में फंसी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की क्या है कहानी ?

अनिल अंबानी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उद्योगपति अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की करोड़ों रुपये की संपत्तियों को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई उनके और उनकी समूह कंपनियों से जुड़े कथित कर्ज घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान की गई है। सूत्रों के अनुसार, धन शोधन अधिनियम (PMLA) के तहत करीब 3,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की गई हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि इस कुर्की पर विस्तृत विवरण बाद में जारी किया जाएगा।

 

 

 

मामला कथित लोन फ्रॉड से जुड़ा हुआ है। इस पर अभी तक अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप का कोई बयान नहीं आया है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली के होटल रंजीत में अंबानी का ऑफिस, रिलायंस सेंटर भी कुर्क की गई संपत्तियों में से एक है।

 

 

 

दिल्ली, मुंबई से नोएडा तक कार्रवाई

 

 

प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप से संबंधित जिन संपत्तियों को कुर्क किया गया है, उनमें मुंबई के पाली हिल स्थित आवास, नई दिल्ली स्थित रिलायंस सेंटर की संपत्ति और दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मुंबई, पुणे, ठाणे, हैदराबाद, चेन्नई (कांचीपुरम समेत) और पूर्वी गोदावरी में स्थित कई अन्य इन संपत्तियों में कार्यालय परिसर, आवासीय इकाइयां और प्लॉट शामिल हैं। PMLA के तहत जारी चार आदेशों के तहत इन सभी संपत्तियों की कुर्की की गई है। गौरतलब है कि मुंबई के बांद्रा वेस्ट के पाली हिल में स्थित अनिल अंबानी का आवास खासा लोकप्रिय है।

 

 

नाम न जाहिर करने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत लगभग 3000 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की गई है। हालांकि, रिलायंस ग्रुप ने पहले ही अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार कर चुकी है। बता दें कि ईडी की यह जांच 17000 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा हुआ है। इसमें लगभग 20 सरकारी और प्राइवेट बैंकों से लिया गया लोन शामिल है।

 

ईडी ने यह भी पाया कि 2017-19 के बीच यस बैंक ने अवैध तरीके से अनिल अंबानी की कंपनियों को लोन दिया था, जिसे बाद में कहीं और डायवर्ट कर दिया गया। जांच में यह सामने आया कि लोन अप्रूव होने से पहले बैंक प्रोमोटरों को पैसे भेजे गए थे। आरोप यह भी है कि कई कंपनियों को लोन पहले मिला और कागजात बाद में तैयार किए गए। कुछ मामले ऐसे भी रहे, जिनमें लोन अप्रूव भी नहीं हुआ, लेकिन पैसे पहले ही ट्रांसफर कर दिए गए।

 

 

 

रिलायंस ग्रुप ने बैंक से कोई कर्ज न होने का किया दवा…..

 

 

इस मामले पर रिलायंस ग्रुप के प्रवक्ता से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इससे पहले कंपनी ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया था। 1 अक्टूबर को जारी एक ईमेल बयान में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने कहा था कि “17,000 करोड़ रुपये की बताई जा रही रकम और कंपनी से जोड़े गए दावे पूरी तरह काल्पनिक हैं।

इनमें किसी भी तरह की सच्चाई नहीं है।”हालांकि कंपनी का कहना है कि वह अपने कारोबारी लक्ष्यों को पूरा करने पर केंद्रित है और फिलहाल किसी बैंक या वित्तीय संस्था का कर्ज नहीं है। जून 2025 तक उसका शुद्ध मूल्य (नेट वर्थ) 14,883 करोड़ रुपये बताया गया है।

 

 

 

17,000 करोड़ की कथित अनियमितताओं की जांच जारी

 

सूत्रों के अनुसार, ईडी अनिल अंबानी समूह की कई कंपनियों की वित्तीय गड़बड़ियों की जांच कर रही है, जिनमें रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल है। यह मामला करीब 17,000 करोड़ रुपये की अनियमितताओं से जुड़ा बताया जा रहा है। इस साल अगस्त में जांच एजेंसी ने अनिल अंबानी से भी पूछताछ की थी। इसके अलावा, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) भी ग्रुप कंपनियों, यस बैंक और उसके पूर्व सीईओ राणा कपूर के परिजनों से जुड़ी फर्मों के बीच हुए कथित फर्जी लेनदेन की जांच कर रहा है। इन मामलों में पहले ही आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया जा चुका है।

पप्पू ,टप्पू और अप्पू’! सीएम योगी इन तीन नेताओं को बोल गए महागठबंधन के तीन बंदर ?

admin

Hi I am admin

Leave a Comment

Your email address will not be published.