बिहार विधानसभा चुनाव के बीच राहुल गांधी के ‘छठ पूजा ड्रामा’ बयान पर बवाल मच गया है।
बीजेपी ने इसे बिहार की संस्कृति और लोक आस्था का अपमान बताया है।
सुधांशु त्रिवेदी और धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी से माफी की मांग की है।
बीजेपी का पलटवार राहुल गांधी की ‘छठ पूजा’ टिप्पणी पर बवाल, कहा — बिहार की संस्कृति का अपमान !
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच एक बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि, “अगर मोदी जी ड्रामा करना चाहते हैं, छठ पूजा का ड्रामा करना चाहते हैं तो पानी आएगा, वीडियो कैमरा आएगा।” राहुल गांधी के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने तीखा पलटवार किया है। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस नेता का यह बयान सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी ही नहीं, बल्कि छठ पूजा जैसे पवित्र पर्व और बिहार की संस्कृति का भी अपमान है।
बीजेपी का आरोप
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि “राहुल गांधी ने अपनी टिप्पणी से यह साबित कर दिया कि उन्हें हिंदू धर्म, छठ पूजा और बिहार की परंपराओं के प्रति सम्मान नहीं है।” त्रिवेदी बोले, “छठ पूजा के बारे में राहुल गांधी ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, वह निंदनीय है। बिहार की जनता स्तब्ध और गुस्से में है। यह त्योहार सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि आस्था का पर्व है। बिहार के लोग इसके लिए जान तक लगा देते हैं।उन्होंने आगे कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा लोक आस्था के पर्वों का आदर किया है। उनके मुताबिक, “राहुल गांधी ने जिस भावना से छठ को ‘ड्रामा’ कहा, वह बताता है कि कांग्रेस की सोच भारतीय संस्कृति के प्रति कितनी तिरस्कार भरी है।”
धर्मेंद्र प्रधान ने माफी की मांग की
बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग की। उन्होंने कहा कि “राहुल गांधी ने बिहार की पवित्र धरती से लोक आस्था के पर्व छठ का मज़ाक उड़ाकर करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है।” राहुल गांधी का बयान न सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी पर हमला है, बल्कि सनातन संस्कृति और लोक परंपराओं के प्रति गहरी नफरत को दिखाता है। बिहार के लोग इसका जवाब वोट से देंगे।
‘ड्रामा’ कहने पर बीजेपी का पलटवार
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि असली ड्रामा तो कांग्रेस करती है। उन्होंने कहा, “जब राहुल गांधी मंदिर जाते हैं, तब उनकी तस्वीरें जनेऊ पहने हुए जारी की जाती हैं। कभी वे जाति की जगह गोत्र बताते हैं। असली दिखावा तो यह है।” बीजेपी प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री की धार्मिक जीवनशैली का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी शुद्ध शाकाहारी हैं। नवरात्र के नौ दिन उपवास रखते हैं, और राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले ग्यारह दिन का उपवास किया था। यह श्रद्धा है, कोई नाटक नहीं।” उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि राहुल गांधी के साथी जब सनातन धर्म को मिटाने की बात करते हैं, तब कांग्रेस चुप रहती है, लेकिन जब कोई हिंदू परंपरा की बात करता है, तो उसे ‘ड्रामा’ कह दिया जाता है।

‘बिहार की जनता नहीं सहेगी अपमान’ — सुधांशु त्रिवेदी
बीजेपी नेता ने यह भी कहा कि राहुल गांधी का यह बयान बिहारियों के सम्मान पर चोट है। उन्होंने कहा, “छठ महापर्व सिर्फ पूजा नहीं, यह बिहार की आत्मा है। बिहार की जनता इस अपमान का बदला चुनाव में जरूर लेगी।” त्रिवेदी ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा और पूछा कि क्या वे राहुल गांधी की इस टिप्पणी का समर्थन करते हैं या बिहार की संस्कृति के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, “तेजस्वी यादव को बताना चाहिए कि वे बिहारियों के साथ हैं या उस नेता के साथ जो उनकी संस्कृति को ‘ड्रामा’ कहता है।”
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि बिहार की जनता इस चुनाव में महागठबंधन को करारा जवाब देगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए को समर्थन देगी। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि “महागठबंधन का सूर्य अब अस्त होगा, और एनडीए के ‘उगते सूर्य’ के साथ बिहार नया अध्याय लिखेगा।”
कांग्रेस की सोच ही हिंदू-विरोधी है
बीजेपी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी का रवैया हिंदू धर्म और उसकी परंपराओं के प्रति नकारात्मक रहा है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह वही पार्टी है जिसके नेता “भारत जोड़ो यात्रा” में मंदिरों में दर्शन करने जाते हैं, लेकिन जब हिंदुओं के त्योहार की बात आती है, तो उसे राजनीति में घसीट लेते हैं। उन्होंने कहा,“यह वही कांग्रेस है जिसके नेता विदेशों में जाकर हिंदुत्व को ‘खतरा’ बताते हैं। राहुल गांधी की सोच में हिंदू धर्म के लिए सम्मान नहीं, बल्कि तिरस्कार है।”