मुंबई में ऑडिशन के बहाने 20 बच्चों को किया किड्नैप! वीडियों जारी कर दी अंजाम भुगतने की धमकी
मुंबई के पवई इलाके में गुरुवार दोपहर एक चौंकाने वाली घटना हुई। एक व्यक्ति ने वेब सीरीज के ऑडिशन के नाम पर 17 बच्चों समेत कुल 19 लोगों को बंधक बना लिया। यह घटना पवई की महावीर क्लासिक बिल्डिंग में हुई, जहां पिछले पांच दिनों से ऑडिशन चल रहा था। जब बच्चों के माता-पिता को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को खबर दी। पुलिस ने तुरंत स्पेशल यूनिट, क्विक एक्शन फोर्स और को मौके पर बुलाया।
आरोपी रोहित आर्य हुआ ढेर
पुलिस की कार्रवाई में आरोपी रोहित आर्या घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। उसके पास से एक एयर गन और कुछ केमिकल मिले हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी बच्चों को धमकाकर कमरे में बंद कर रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रोहित आर्या का मकसद क्या था और उसके साथ कोई और शामिल था या नहीं।
पुलिस उपायुक्त दत्तात्रेय नलावड़े के अनुसार, पुलिस को करीब 1:45 बजे सूचना मिली थी। इसके बाद स्पेशल टीम ने मौके पर पहुँचकर अंदर मौजूद लोगों से मदद ली और बाथरूम के रास्ते सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
क्या था रोहित का उद्देश्य
मुंबई के पवई में गुरुवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया। आरोपी रोहित आर्या ने एक इमारत में 17 बच्चों समेत 19 लोगों को एयर गन से धमकाकर बंधक बना लिया। उसने एक वीडियो जारी कर कहा कि वह कुछ लोगों से बात करना चाहता है और धमकी दी कि अगर उसकी बात नहीं मानी गई तो वह आग लगा देगा और खुद के साथ बच्चों को भी नुकसान पहुंचाएगा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और बातचीत के जरिए आरोपी को व्यस्त रखा।

वीडियों जारी कर किया खुलासा
रोहित आर्य ने घटना से पहले एक वीडियो जारी कर कहा कि वह आतंकवादी नहीं है और उसकी कुछ साधारण मांगें हैं। उसने कहा कि वह किसी से पैसे नहीं चाहता, बल्कि कुछ लोगों से बात करना चाहता है और अपने सवालों के जवाब चाहता है। रोहित ने बताया कि वह पहली मई से अनशन पर है, लेकिन उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। उसने कहा कि अब वह कड़ा अनशन कर रहा है और पानी भी नहीं पी रहा। वीडियो में उसने चेतावनी दी कि अगर उसकी बात नहीं सुनी गई तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
ईटीवी की एक खबर के अनुसार पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि रोहित आर्य का दावा था कि उसने शिक्षा विभाग की एक स्वच्छता निगरानी परियोजना के लिए कर्ज लिया था। लेकिन उसका पैसा सरकार के पास अटका हुआ है, जिससे उसे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार का ध्यान अपनी समस्या की ओर खींचने के लिए ही उसने यह खतरनाक कदम उठाया। पुलिस अब इस दावे की जांच कर रही है और पूरे मामले की सच्चाई पता लगाने में जुटी है।