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खेसारी लाल से लेकर मैथिली ठाकुर मैदान में! क्या है कलाकारों के चुनाव जीतने के समीकरण ?

खेसारी लाल

खेसारी लाल से लेकर मैथिली ठाकुर मैदान में! क्या है कलाकारों के चुनाव जीतने के समीकरण ?

खेसारी लाल

बिहार विधानसभा काफी चर्चा में है और बिहार विधानसभा चुनाव में मनोरंजन जगत के कई सितारे अपनी राजनीतिक पारी शुरू कर रहे हैं। भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव, गायक रितेश पांडेय और मैथिली ठाकुर जैसे कलाकार चुनावी मैदान में हैं। कुछ कलाकार प्रचार में जुटे हैं, तो कुछ पर्दे के पीछे रणनीति बना रहे हैं। ऐसे में स्थानीय कलाकारों के साथ जनता का भावनात्मक जुड़ाव उन्हें क्या राजनीति में सफलता दिला सकता है ये देखने लायक होगा।

 

 

खेसारी लाल यादव —( RJD ) छपरा से उम्मीदवार

खेसारी लाल यादव ने अपनी करियर की शुरुआत भोजपुरी संगीत के साथ-साथ भोजपुरी फिल्म से की है, और लोकप्रिय भोजपुरी अभिनेता-गायक खेसारी लाल यादव ने RJD जॉइन की और छपरा से पार्टी के साथ चुनावी मैदान में है। राजद-कांग्रेस महागठबंधन ने भोजपुरी एक्टर और सिंगर खेसारी लाल यादव (शत्रुघ्न कुमार) को छपरा विधान सभा से टिकट दिया है।

 

भोजपुरी एक्टर-सिंगर का जलवा केवल राजद तक सीमित नहीं है। हालाँकि भाजपा का पलड़ा इस मामले में चार गुना भारी नजर आ रहे हैं क्योंकि जहाँ उसके पास चार भोजपुरी सुपरस्टार हैं तो महागठबंधन में अभी तक केवल एक भोजपुर सुपरस्टार नजर आ रहा है।

 

 

रितेश पांडेय — जन सुराज

(करगहर सीट)

भोजपुरिया सिंगर-स्टार रितेश पांडेय को जन-सुराज (प्रशांत किशोर) ने करगहर/कर्गहर से उम्मीदवार बनाया जा रहा है।वहीं रितेश पांडेय जनसुराज का उम्‍मीदवार बनकर वोट मांग रहे हैं। चुनावी सभाओं में अपने गीतों के जरिए जनसंपर्क कर रहे हैं।

 

रितेश पाण्डेय जन सुराज पार्टी के साथ

बिहार चुनाव में नयी चुनौती बनकर उभर रहे है, लोक सभा चुनाव 2024 के पहले रितेश पाण्डे ने एक गाना रिलीज किया था जिसके बोल थे- ‘हम मोदी संगे रहब’ मगर इस साल वो प्रशांत किशोर संग हो लिये हैं।

 

 

 

मैथिली ठाकुर — BJP ( अलिनगर से टिकट)

मैथिली ठाकुर भाजपा की उम्‍मीदवार हैं। उनकी सभाओं में गीत भी गूंजते हैं। मैथिली ठाकुर को भाजपा ने अलिनगर सीट से उम्मीदवार बनाया है;

 

 

परदे के पीछे सक्रिय कलाकार

इनके अलावा, पहले से राजनीति में सक्रिय कलाकार जैसे मनोज तिवारी, दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, पवन सिंह भी इस बार चुनावी माहौल में सक्रिय हैं। कुछ प्रचार में जुटे हैं तो कुछ पर्दे के पीछे रणनीति बना रहे हैं। भोजपुरी सिनेमा से जुड़े ये चेहरे गांव-गांव तक लोकप्रिय हैं और उनकी यही जनस्वीकार्यता राजनीतिक दलों के लिए बड़ी पूंजी साबित हो रही है।

 

हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब कलाकारों ने राजनीति की राह पकड़ी हो। पिछले चुनावों में भी बालीवुड के सितारे बिहार की राजनीति में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं।

शत्रुघ्न सिन्हा, राज बब्बर, हेमा मालिनी, शेखर सुमन, कुणाल सिंह जैसे कलाकार राजनीति में पहले से सक्रिय रहे हैं, मगर अब नजारा बदल गया है, अब मतदाता बालीवुड की बजाय स्थानीय कलाकारों के साथ भावनात्मक रूप से अधिक जुड़ाव महसूस करते हैं।

 

 क्या ‘माननीय’ बन पाएंगे कलाकार

बिहार की राजनीति में भाषा और संस्कृति की भूमिका बहुत गहरी है। कलाकारों का जनता से जुड़ाव, उनकी लोकप्रियता और सादगी उन्हें राजनीति में सफलता का मजबूत आधार दे सकती है। कुल मिलाकर, बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार कलाकारों में “माननीय” बनने की होड़ साफ नजर आ रही है। मंच, गीत और कैमरे से आगे बढ़कर ये सितारे अब जनता के बीच अपने नए किरदार में हैं, जनसेवक के रूप में। यह देखना दिलचस्प होगा कि परदे पर तालियां बटोरने वाले ये कलाकार क्या जनता के दिल और वोट भी जीत पाएंगे।

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