दलित युवक को बंधक बनाकर पेशाब पिलाया! सूरपुरा गांव में धारा 144 लागू, दोनों समाज ने ‘सामाजिक बहिष्कार’ का ऐलान!

मध्यप्रदेश के भिंड जिले के सूरपुरा गांव में दलित युवक के साथ मारपीट और कथित रूप से बंधक बनाकर पेशाब पिलाने की घटना ने बड़ा रूप ले लिया है। घटना के बाद से इलाके में तनाव फैल गया है , जिसके चलते जिला प्रशासन ने एहतियातन धारा 144 लागू कर दी है। दो समुदायों — सवर्ण और जाटव समाज — के बीच सामाजिक संबंध तक बंद हो गए हैं।
क्या था पूरा मामला
पीड़ित ज्ञान सिंह जाटव ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह सोनू बरुआ की बोलेरो गाड़ी चलाया करता था, लेकिन कुछ समय पहले उसने यह काम छोड़ दिया था।
20 अक्टूबर (दीपावली के दिन) सोनू बरुआ ने अपने साथियों आलोक शर्मा और छोटू ओझा के साथ कथित रूप से उसे ग्वालियर स्थित ससुराल से जबरन गाड़ी में बैठाया और भिंड की ओर ले गए।
रास्ते में उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि सेमरपुरा मोड़ पर गाड़ी रोककर सोनू बरुआ ने बोतल में पेशाब किया और आलोक शर्मा ने उसे जबरन पीड़ित के मुंह में डाल दिया। इसके बाद अजुद्धपुरा गांव के खेत पर ले जाकर दोबारा पिटाई की गई।
पीड़ित के अनुसार, लोगों की भीड़ जुटने पर आरोपी वहां से भाग गए। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
बुलाई गई महापंचायत
घटना के बाद सूरपुरा गांव में सामाजिक तनाव बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सवर्ण और जाटव समाज के बीच अब बातचीत तक बंद हो चुकी है। एक ग्रामीण ने बताया, “अगर किसी ने अपराध किया है तो सजा मिले, लेकिन झूठे आरोप लगाना ठीक नहीं। पहले कभी ऐसा माहौल नहीं देखा, अब दूध-पानी तक बंद है।” बढ़ते तनाव को देखते हुए सवर्ण समाज की एक महापंचायत बुलाई गई।
महापंचायत में यह निर्णय लिया गया कि जाटव समाज के साथ सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक संबंध समाप्त किए जाएंगे।
निर्णय के अनुसार, “अब कोई खेतों में काम नहीं देगा, न ही किसी तरह का लेनदेन या सहयोग होगा।”
ग्रामीणों ने इसे “सामाजिक बहिष्कार” करार देते हुए कहा कि यह फैसला तब तक जारी रहेगा जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती।
भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी मैदान में
घटना के बाद भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी (ASP) खुलकर मैदान में उतर आई हैं।
भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष सत्येंद्र विद्रोही अजुद्धपुरा गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
दोनों नेताओं ने कहा कि दलित समाज पर अत्याचार अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि उनकी संस्थाएं न्याय के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगी।
ओबीसी नेता दामोदर यादव का बयान
भिंड सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में ओबीसी समाज के वरिष्ठ नेता दामोदर यादव ने कहा कि ज्ञान सिंह जाटव के साथ हुई मारपीट और बंधक बनाने की घटना “बेहद शर्मनाक” है।
अधिवक्ता उतर पड़े मैदान में
वहीं, ग्वालियर हाईकोर्ट के अधिवक्ता अनिल मिश्रा बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे और एडिशनल एसपी संजीव पाठक को ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना जांच के सवर्ण और ओबीसी युवकों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए हैं। मिश्रा ने कहा, “पुलिस पर भीम आर्मी का दबाव है। पहले जांच होनी चाहिए थी, लेकिन सीधे एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज कर दिया गया।”
प्रशासन की सख्ती
तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रशासन ने सूरपुरा और आसपास के इलाकों में धारा 144 लागू कर दी है।पुलिस बल तैनात किया गया है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं।भिंड एसपी ने कहा कि “मामले की जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है। किसी निर्दोष को सजा नहीं दी जाएगी और किसी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।
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