आखिर कौन हैं शिवांगी सिंह जिनकी तस्वीर राष्ट्रपति मुर्मू के साथ आईं नजर? स्क्वाड्रन लीडर को लेकर पाकिस्तान का झूठ हुआ बेनकाब !
अंबाला: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को हरियाणा के अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया। उन्होंने इसे अपने जीवन का “अविस्मरणीय अनुभव” बताया। इस खास मौके पर उनके साथ भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह मौजूद थीं, जिन्होंने राष्ट्रपति को राफेल उड़ान का अनुभव कराया।
इस उड़ान के साथ मुर्मू दो लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति बन गई हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जवाबी कार्रवाई में शामिल शिवांगी सिंह भी उनके साथ नजर आई पाकिस्तान ने उनको लेकर एक दावा किया था। जो आज झूठ साबित हो गया है।
स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह — भारत की पहली महिला राफेल पायलट
स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह, राष्ट्रपति के साथ इस उड़ान में थीं, भारतीय वायुसेना की पहली महिला राफेल पायलटों में से एक हैं। वे इससे पहले मिग-21 लड़ाकू विमान भी उड़ा चुकी हैं और वर्तमान में राफेल जैसे अत्याधुनिक जेट को संभाल रही हैं।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी की रहने वाली शिवांगी सिंह को उनकी बहादुरी, अनुशासन और शानदार प्रदर्शन के लिए जाना जाता है। वे अंबाला स्थित ‘गोल्डन एरोज’ स्क्वाड्रन का हिस्सा रही हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की उकसावे वाली गतिविधियों के जवाब में अहम भूमिका निभा चुकी हैं।
पाकिस्तान का झूठा दावा हुआ खारिज
हाल ही में पाकिस्तान ने झूठ फैलाते हुए दावा किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत का एक राफेल जेट गिराया गया और उसकी पायलट शिवांगी सिंह को पकड़ लिया गया।
राष्ट्रपति मुर्मू के साथ राफेल उड़ान में शिवांगी सिंह की मौजूदगी ने पाकिस्तान के इस दावे को पूरी तरह झूठा साबित कर दिया और सच्चाई को दुनिया के सामने ला दिया।

राफेल उड़ान से पहले हुआ गार्ड ऑफ ऑनर
उड़ान से पहले राष्ट्रपति मुर्मू को अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
इसके बाद 17वीं स्क्वाड्रन “गोल्डन एरोज” के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी ने राफेल विमान उड़ाया। विमान समुद्र तल से लगभग 15,000 फुट की ऊंचाई पर और करीब 700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ा।
राष्ट्रपति का अनुभव
राष्ट्रपति मुर्मू ने विज़िटर बुक में लिखा —
“राफेल में उड़ान भरना मेरे जीवन का अविस्मरणीय अनुभव है। इसने मेरे मन में भारतीय वायुसेना की क्षमता और देश की सुरक्षा के प्रति गर्व की भावना को और मजबूत किया है।” उन्होंने भारतीय वायुसेना और अंबाला एयरबेस की पूरी टीम को इस सफल आयोजन के लिए धन्यवाद और बधाई दी।

राष्ट्रपति की दूसरी लड़ाकू उड़ान
यह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की दूसरी लड़ाकू विमान उड़ान थी।इससे पहले उन्होंने अप्रैल 2023 में असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन से सukhoi-30 MKI में उड़ान भरी थी। इस बार राफेल उड़ान से पहले उन्होंने जी-सूट, हेलमेट और धूप का चश्मा पहना और पायलटों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
राफेल फ्रांस की कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित आधुनिक लड़ाकू विमान है। सितंबर 2020 में यह औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया। पहले पांच राफेल जेट्स 17वीं स्क्वाड्रन “गोल्डन एरोज” का हिस्सा बने। इन्हीं विमानों का उपयोग हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर हमलों में किया गया था।
इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भर चुकी थीं,लेकिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अब राफेल में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बन गई हैं।