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8वें वेतन आयोग को मिली मंजूरी, 1 जनवरी 2026 से होगा लागू! जानिए कितनी बढ़ जाएगी सैलरी

8वें वेतन आयोग को मिली मंजूरी, 1 जनवरी 2026 से होगा लागू! जानिए कितनी बढ़ जाएगी सैलरी

 

केंद्र सरकार ने मंगलवार को 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। इस आयोग से देश के करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई को आयोग की अध्यक्ष बनाया गया है। इसके साथ ही आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष सदस्य होंगे और पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव पंकज जैन को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।

 

बिहार विधानसभा चुनाव से भी जोड़ा जा रहा

सरकार के इस फैसले को बिहार विधानसभा चुनाव से भी जोड़ा जा रहा है, जहां 6 और 11 नवंबर को मतदान होना है। माना जा रहा है कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देने वाला यह कदम चुनाव से पहले एक बड़ा राजनीतिक संकेत है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 8वां वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट 18 महीनों के भीतर जमा करेगा और जरूरत पड़ने पर बीच में अंतरिम रिपोर्ट भी दे सकता है। आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी। यह आयोग सातवें वेतन आयोग की अवधि खत्म होने से पहले बना है, जिसने 2016 में 14.3% वेतन वृद्धि की सिफारिश की थी। माना जा रहा है कि नया आयोग महंगाई भत्ता, यात्रा भत्ता और आवास भत्ता जैसे भत्तों में बदलाव की सिफारिश कर सकता है।

 

लंबे समय से कर्मचारी संगठन कर रहे थे मांग

कर्मचारी संगठनों की यह लंबे समय से मांग थी कि वेतन संशोधन समय पर किया जाए ताकि कर्मचारियों की क्रय क्षमता बनी रहे। अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों से सरकार पर 2.4 से 3.2 लाख करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा कर के रूप में वापस सरकार को मिल जाएगा। इससे घरेलू बाजार में मांग बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। वहीं अर्थशास्त्री मानते हैं कि इस बार आयोग को अपनी सिफारिशों में राजकोषीय अनुशासन यानी सरकारी खर्चों पर नियंत्रण पर भी ध्यान देना होगा।

 

7 वें वेतन आयोग 2016 में हुआ था लागू

7वां वेतन आयोग फरवरी 2014 में गठित किया गया था और इसकी अध्यक्षता जस्टिस ए.के. माथुर ने की थी। इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू की गईं। इसके तहत न्यूनतम बेसिक वेतन ₹7,000 से बढ़ाकर ₹18,000 किया गया था और फिटमेंट फैक्टर 2.57 गुना तय हुआ था। साथ ही, पुरानी ग्रेड पे प्रणाली को खत्म कर एक नया पे मैट्रिक्स सिस्टम लागू किया गया, जिससे वेतन ढांचा अधिक सरल और पारदर्शी बन गया।

 

वर्तमान में एलडीसी (Lower Division Clerk) जैसे पदों की बेसिक सैलरी ₹18,000 से ₹19,000 के बीच है। इसमें एचआरए, डीए और अन्य भत्ते जोड़ने पर कुल सैलरी लगभग ₹37,000 से ₹39,000 तक पहुंच जाती है। यह सातवें वेतन आयोग के तहत तय संरचना के अनुसार है।

 

बढ़ेगा न्यूनतम वेतन

अब आठवां वेतन आयोग बनने के बाद उम्मीद है कि न्यूनतम बेसिक वेतन ₹26,000 तक बढ़ाया जा सकता है। कर्मचारी संघों की मांग है कि फिटमेंट फैक्टर 3.00 से 3.42 गुना तय किया जाए। अगर ऐसा होता है, तो उदाहरण के तौर पर एलडीसी की सैलरी ₹19,900 बेसिक पर 3.00 फिटमेंट फैक्टर से बढ़कर करीब ₹59,700 तक पहुंच सकती है। यानी कर्मचारियों को वेतन में काफी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

8वें वेतन आयोग से पेंशनधारकों को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। अभी पूरी पेंशन पाने के लिए 15 साल की नौकरी जरूरी होती है, लेकिन इसे घटाकर 12 साल किया जा सकता है। यानी जो कर्मचारी कम समय तक नौकरी करेंगे, उन्हें भी रिटायरमेंट के बाद पेंशन का लाभ मिल सकेगा। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जो नौकरी पूरी करने से पहले रिटायर हो जाते हैं। साथ ही, यह कदम कर्मचारियों को सरकारी नौकरी में लंबे समय तक टिके रहने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा।

 

जानकारों का मानना है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद न्यूनतम पेंशन ₹9,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह तक की जा सकती है।

 

साथ ही, इस बार आयोग से उम्मीद है कि वह यूनिफॉर्म पेंशन स्कीम को और आसान व पारदर्शी बनाएगा ताकि सभी पेंशनधारकों को समान और समय पर लाभ मिल सके। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच रह सकता है।

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Shashwat Srijan

Content Writer

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