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20 दिनों में नौकरी का कानून, भूमिहीनों को भूमि , जाने महागठबंधन की घोषणा पत्र में किसके लिए क्या।

रोज़गार, ज़मीन और सामाजिक न्याय पर बड़ा दांव — महागठबंधन का वादा, 20 दिन में रोजगार कानून और हर भूमिहीन को ज़मीन देने की घोषणा।

रोज़गार

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन ने शुक्रवार को अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे नाम दिया है ‘तेजस्वी प्रण पत्र’। उन्होंने दावा किया कि यह घोषणापत्र बिहार को देश का “नंबर वन राज्य” बनाने की दिशा में एक ठोस योजना है।

तेजस्वी यादव ने कहा, “हमारा प्रण है — हर घर में रोजगार, हर परिवार में सम्मान।” उन्होंने वादा किया कि अगर महागठबंधन की सरकार बनती है तो 20 दिनों के भीतर हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का अधिनियम लागू किया जाएगा। सहारनपुर घोषणा पत्र में अलग-अलग वर्गों के लिए कई प्रमुख वाद्य किए गए हैं।

घोषणापत्र के मुख्य वादे

महागठबंधन ने अपने घोषणापत्र में रोजगार, पेंशन, मुफ्त बिजली और किसानों की सुरक्षा पर जोर दिया है।
मुख्य घोषणाएं इस प्रकार हैं —

  1.  सरकार बनने के 20 दिन के भीतर “हर परिवार को रोजगार अधिनियम” लागू किया जाएगा।
  2. संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को स्थायी किया जाएगा।
  3. पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू किया जाएगा।
  4. ‘माई-बहिन-मान योजना’ के तहत महिलाओं को ₹2500 प्रतिमाह सहायता दी जाएगी।
  5. बुजुर्गों और विधवाओं को ₹1500, दिव्यांगों को ₹3000 पेंशन, हर साल ₹200 की वृद्धि के साथ।
  6.  हर परिवार को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा।
  7. माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की मनमानी रोकने के लिए नया कानून।
  8. प्रतियोगिता परीक्षाओं के फॉर्म और परीक्षा शुल्क खत्म करने का ऐलान।
  9. हर अनुमंडल में महिला कॉलेज और बिना कॉलेज वाले 136 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की स्थापना।
  10. सरकारी कर्मचारियों को गृह जिले से 70 किमी के दायरे में पोस्टिंग की सुविधा।

किसानों और मजदूरों के लिए क्या

किसानों और मजदूरों के लिए भी कई घोषणाएं की गई हैं —

  1. सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद की गारंटी।
  2. मंडी व्यवस्था और बाजार समिति प्रणाली को फिर से शुरू किया जाएगा।
  3. मनरेगा मजदूरी ₹255 से बढ़ाकर ₹300 और कार्य दिवस 100 से बढ़ाकर 200 किए जाएंगे।
  4. 25 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा।
  5. अति पिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम लागू किया जाएगा।
  6. अनुसूचित जाति और जनजाति के 200 छात्रों को विदेश में छात्रवृत्ति पर भेजने की योजना।

 

आरक्षण और सामाजिक न्याय पर वादे

महागठबंधन ने कहा कि आरक्षण की सीमा 50% से बढ़ाने के लिए कानून लाया जाएगा और इसे संविधान की नवमी अनुसूची में शामिल करने की सिफारिश की जाएगी।

  1. अतिपिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण 20% से बढ़ाकर 30%
  2. अनुसूचित जाति के लिए 16% से बढ़ाकर 20%
  3. अनुसूचित जनजातियों के लिए भी अनुपातिक वृद्धि का वादा।

 

कानून-व्यवस्था और अल्पसंख्यक सुरक्षा

  1. घोषणापत्र में अपराध पर “जीरो टॉलरेंस नीति” की बात कही गई है।
  2. पुलिस अधीक्षक और थानेदारों के लिए निश्चित कार्यकाल तय किया जाएगा।
  3. अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की रक्षा की गारंटी दी गई है।
  4. वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और बोधगया के मंदिरों का संचालन बौद्ध समुदाय को सौंपने की बात कही गई है।

 

तेजस्वी का हमला – “एनडीए के पास न विजन है, न चेहरा”

घोषणापत्र जारी करते हुए तेजस्वी यादव ने एनडीए पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के लिए कुछ नहीं किया। जब भी प्रधानमंत्री आते हैं, विकास की बात नहीं, सिर्फ विपक्ष पर हमला करते हैं। एनडीए के पास न विजन है, न मुख्यमंत्री का चेहरा, न ही कोई घोषणा पत्र।”

तेजस्वी ने दावा किया कि 14 नवंबर को बनने वाली “नई सरकार” बिहार में रोजगार और विकास का नया अध्याय लिखेगी।
उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि कोई भी युवा अपनी मातृभूमि छोड़ने को मजबूर न हो। यह चुनाव बदलाव बनाम ठहराव का चुनाव है।”

 

अन्य दलों की प्रतिक्रिया

वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा, “यह घोषणापत्र अगले 30-35 साल के लिए बिहार की दिशा तय करेगा।”
भाकपा-माले के दीपांकर भट्टाचार्य बोले, “पुरानी पेंशन योजना बहाल होगी, किसानों के अधिकारों को प्राथमिकता दी गई है।”

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, “यह घोषणापत्र सिर्फ वादे नहीं, प्रतिज्ञा है।” सीपीआई-एम के अवधेश कुमार ने कहा, “20 साल की नीतीश सरकार ने बिहार को ठगा है, अब जनता बदलाव के मूड में है।”

 

एनडीए 30 अक्टूबर को जारी करेगी घोषणा पत्र

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन का यह घोषणा पत्र मतदाताओं को लुखाने में कितना कारगर साबित होगा तब होगा यह तो समय बताएगा वही खबर आ रही है कि एनडीए भी 30 अक्टूबर को अपना घोषणा पत्र जारी कर सकती है। गौर तलब हो कि निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव दो केस में करने का ऐलान किया है। पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को होगी वहीं दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को डाला जाएगा।‌ मतगणना 14 नवंबर को होगी।

महागठबंधन के ‘तेजस्वी प्रण पत्र’ के जारी होने के साथ ही बिहार की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।
घोषणाओं की लंबी सूची और रोजगार पर विशेष फोकस से यह साफ है कि महागठबंधन ‘युवा और विकास’ के मुद्दे पर चुनाव मैदान में उतरा है। अब यह देखना होगा कि जनता इस घोषणापत्र पर कितना भरोसा जताती है और 14 नवंबर को आने वाला परिणाम किसके पक्ष में जाता है।

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Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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