राम मंदिर समेत कई हिंदू धार्मिक स्थलों को उड़ाने की साजिश में था ISIS का संदिग्ध आतंकी अदनान !

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ISIS से जुड़े संदिग्ध आतंकी मोहम्मद अदनान को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि अदनान अयोध्या के राम मंदिर समेत उत्तर प्रदेश के कई बड़े हिंदू धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था।
इस गिरफ्तारी के बाद एटीएस (ATS) की टीम भी दिल्ली पहुंच गई है और आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार, अदनान के संपर्क सीरिया में बैठे ISIS खलीफा से थे, जिनसे उसे कई वीडियो और संदेश मिलते थे।
21 नवंबर को अयोध्या में PM मोदी का दौरा — सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
गौरतलब है कि 21 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले हैं।इसी वजह से एटीएस और खुफिया एजेंसियों ने सुरक्षा कड़ी कर दी है और अदनान के मंसूबों, नेटवर्क और यूपी में संभावित ठिकानों की जांच जारी है।
जज को धमकी देने का पुराना मामला भी आया सामने
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अदनान ने जून 2024 में वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर का सर्वे कराने वाले हाईकोर्ट जज रवि कुमार दिवाकर को इंस्टाग्राम पर धमकी दी थी।
उसने जज की फोटो पर लाल रंग से लिखा था —
‘काफिर का खून हलाल है, उन लोगों के लिए जो अपने धर्म के लिए लड़ रहे हैं।’
इस पोस्ट के वायरल होने के बाद लखनऊ के गोमती नगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था और अदनान पर UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) लगाया गया था।
हालांकि, उसे पांच महीने में ही जमानत मिल गई थी।
UAPA क्या है?
UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) 1967 में बना एक कड़ा कानून है, जिसके तहत सरकार किसी व्यक्ति या संगठन को “आतंकवादी” या “गैरकानूनी” घोषित कर सकती है।
इस कानून में जमानत पर सख्त रोक और कठोर सज़ा का प्रावधान है, ताकि देश की संप्रभुता के खिलाफ गतिविधियों को रोका जा सके।
एटीएस की पूछताछ में नए खुलासे
एटीएस अधिकारियों के अनुसार, अदनान धार्मिक नफरत फैलाने और आतंकी हमले की योजना बनाने में सक्रिय था।जांच में यह भी सामने आया है कि वह भोपाल से जिहादी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहा था। एटीएस यह भी पता लगा रही है कि वह कितनी बार यूपी आया और किन-किन शहरों में गया था।
परिवार ने लगाया निर्दोष होने का दावा
अदनान के पिता मोहम्मद सलीम ने पुलिस के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा —
“मेरा बेटा कभी दिल्ली से बाहर नहीं गया। उसने सिर्फ सोशल मीडिया पर बात की थी, किसी आतंकी गतिविधि में शामिल नहीं था।” उन्होंने बताया कि पुलिस ने घर की तलाशी के दौरान ईद पर खरीदा गया सूट, एक पुराना फोन और अलार्म घड़ी जब्त की थी।
सलीम ने कहा — “मैं 22 साल से दूरदर्शन में ड्राइवर हूं। हमारा परिवार ऐसे कामों में शामिल नहीं हो सकता।”