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क्या भाजपा को मिली दवा कंपनियों से 945 करोड़ की फंडिंग? दिग्विजय सिंह ने इस दस्तावेज का दिया हवाला !

भाजपा को मिली दवा कंपनियों

क्या भाजपा को मिली दवा कंपनियों से 945 करोड़ की फंडिंग? दिग्विजय सिंह ने इस दस्तावेज का दिया हवाला !

भाजपा को मिली दवा कंपनियों

कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 26 बच्चों की मौत पर बोले पूर्व सीएम — ‘फंड लेने के बदले सरकार कंपनियों को बचा रही है, जनता की जान की कोई कीमत नहीं।’

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जहरीली दवाएं बनाने और बेचने वाली कंपनियों को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने भाजपा को इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए करोड़ों रुपये की फंडिंग की है।

दिग्विजय सिंह के मुताबिक, इन फार्मा कंपनियों ने करीब 945 करोड़ रुपये भाजपा के खाते में जमा किए। उन्होंने कहा कि जब इन कंपनियों के उत्पादों से मासूम बच्चों की जान जा रही है, तब भी सरकार कार्रवाई करने से बच रही है, जो यह दिखाता है कि सत्ता के लिए इंसानियत को ताक पर रख दिया गया है।

26 बच्चों की मौत से मचा हड़कंप

दिग्विजय सिंह ने यह बयान भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के परासिया क्षेत्र में 2 सितंबर से अब तक 26 बच्चों की मौत हो चुकी है।
सिंह के अनुसार, सभी मौतें उस कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन के बाद हुईं, जिसमें डायएथलीन ग्लाइकॉल (DEG) नामक जहरीले रसायन की 48.6 प्रतिशत मात्रा पाई गई, जबकि इसकी सुरक्षित सीमा मात्र 0.01 प्रतिशत होती है।

उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी गंभीर जांच रिपोर्ट आने के बाद भी सरकार ने न तो कंपनी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की और न ही पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में कोई कदम उठाया।

‘राजनीतिक लाभ के लिए जनता की जान की कीमत लगा दी गई’

दिग्विजय सिंह ने कहा कि सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता यह साबित करती है कि राजनीतिक लाभ के लिए आम जनता की जान को नजरअंदाज किया जा रहा है। “जिन कंपनियों ने लोगों की जान जोखिम में डाली, उन्हें संरक्षण इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि उन्होंने भाजपा को चुनावी फंड दिया है। अगर सरकार ईमानदार होती, तो अब तक इन कंपनियों पर कार्रवाई हो चुकी होती,”

फंडिंग के बदले संरक्षण का आरोप

सिंह ने दावा किया कि जहरीली दवाएं बेचने वाली कंपनियों को केंद्र की सत्ता में बैठे लोगों का संरक्षण इसलिए मिल रहा है क्योंकि उन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से भाजपा को भारी आर्थिक सहायता दी है।उन्होंने कहा कि जब तक इन फंडिंग से जुड़े दस्तावेज़ सार्वजनिक नहीं किए जाते, तब तक सरकार की नीयत पर सवाल बने रहेंगे।

जांच और पारदर्शिता की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री ने स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की और कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि

1. किन कंपनियों ने भाजपा को इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए फंडिंग की
2. इन कंपनियों के खिलाफ अब तक क्या कदम उठाए गए
3. और बच्चों की मौत के मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के परासिया क्षेत्र में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से 26 बच्चों की मौत का मामला सामने आने के बाद राज्यभर में हड़कंप मच गया था। जांच में जहरीले रसायन की मौजूदगी की पुष्टि हुई, लेकिन अब तक किसी भी कंपनी या अधिकारी पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई है।

 

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