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क्या है तेजस्वी यादव का नया ‘मास्टरस्ट्रोक’? ये 5 वादे क्या महागठबंधन को लाएंगे सत्ता में वापस !

मास्टरस्ट्रोक

तेजस्वी यादव का बड़ा चुनावी दांव – पंचायत प्रतिनिधियों को पेंशन, छोटे कामगारों को आर्थिक मदद और हर घर में रोजगार का वादा बिहार में सियासत गरमाई

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बिहार की राजनीति में एक नई बहस छिड़ चुकी हैं। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने पटना स्थित आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक के बाद एक बड़े ऐलान किए। इन घोषणाओं ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। तेजस्वी ने कहा कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो पूर्व पंचायत और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों को पेंशन की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने इसके पहले भी हर घर नौकरी देने, पंचायत प्रतिनिधियों का भत्ता दोगुना करने और छोटे कामगारों को आर्थिक मदद देने जैसे ऐतिहासिक कदम उठाएंगे कहा था । तेजस्वी ने कहा, “बिहार की जनता ने एनडीए को 20 साल का समय दिया, अब हमें सिर्फ 20 महीने दीजिए, हम बिहार की तस्वीर बदल देंगे।”

पंचायत प्रतिनिधियों को बड़ा तोहफा

तेजस्वी यादव ने घोषणा की कि महागठबंधन की सरकार बनते ही पंचायत और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों का मानदेय दोगुना किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने वर्षों से इन जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की है, जबकि ये लोग गांवों में लोकतंत्र की असली ताकत हैं। इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि पूर्व पंचायत और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों को पेंशन की सुविधा दी जाएगी। यही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को 50 लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा ताकि किसी आकस्मिक स्थिति में उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल सके। उन्होंने कहा, “गांव का प्रतिनिधि ही असली जनसेवक होता है, उसकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तो पूरा बिहार मजबूत होगा।”

हर घर में रोजगार और आत्मनिर्भर बिहार का सपना

तेजस्वी यादव ने अपनी पुरानी योजना हर घर नौकरी का भी जिक्र किया और कहा कि बिहार में आज युवाओं को नौकरी नहीं, सिर्फ वादे मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम सरकार में आएंगे तो बिहार का कोई भी घर बेरोजगार नहीं रहेगा। हर घर से एक सदस्य को रोजगार देना हमारी पहली प्राथमिकता होगी।” उन्होंने कहा कि बिहार को अब “मजदूर नहीं, मेकर्स का प्रदेश बनाना है” यानी ऐसा राज्य, जहां लोग बाहर कमाने न जाएं, बल्कि बाहर के लोग यहां काम करने आएं। इसके लिए उन्होंने उद्योग, शिक्षा और प्रशिक्षण पर जोर देने की बात कही।

छोटे कामगारों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण पैकेज

तेजस्वी यादव ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाई, कुम्हार, बढ़ई, लोहार जैसी पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े वर्गों के लिए भी बड़ी राहत की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन मेहनतकश लोगों को अपने हुनर को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की मदद की जरूरत है। उन्होंने वादा किया कि ऐसी सभी जातियों और समुदायों को पांच साल में पांच लाख रुपये की ब्याज-मुक्त सहायता राशि दी जाएगी, ताकि वे अपने स्वरोजगार को आगे बढ़ा सकें। तेजस्वी ने कहा, “हम चाहते हैं कि जो लोग मिट्टी से जुड़कर काम करते हैं, जो अपने हाथों से बिहार का भविष्य बनाते हैं, उन्हें राज्य सरकार मजबूत करे, न कि अनदेखा।”

एनडीए पर तेजस्वी का तीखा हमला

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव ने मौजूदा एनडीए सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार को पिछले 20 वर्षों में सिर्फ वादे मिले हैं, विकास नहीं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “बिहार में उद्योग लगाने से खुद गृह मंत्री अमित शाह मना कर चुके हैं। गुजरात में सब कुछ है, लेकिन बिहार को केवल ठेंगा मिला है।”उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के लोग अब भाजपा के चाल, चरित्र और चेहरा को समझ चुके हैं। ” लोग अब बदलाव चाहते हैं, और यह बदलाव नवंबर में वोट के जरिए जरूर दिखेगा,” तेजस्वी ने आत्मविश्वास के साथ कहा।

 

गांवों को विकास का केंद्र बनाने का संकल्प

तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी सरकार गांव-गांव तक विकास का ढांचा पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि पंचायतों को सशक्त बनाने के साथ-साथ गांवों में जन वितरण प्रणाली (PDS) के वितरकों का मानदेय और मार्जिन मनी भी बढ़ाया जाएगा, ताकि उन्हें भी अपने काम के अनुरूप आर्थिक लाभ मिले। तेजस्वी ने बताया कि उनकी योजना केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है। “हमने एक ब्लूप्रिंट तैयार किया है, जिसमें पंचायतों के माध्यम से रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाने का सिस्टम बनाया गया है।”

तेजस्वी यादव की ये घोषणाएं केवल वादे नहीं बल्कि रणनीतिक रूप से सोची-समझी चाल माना जा रहा हैं। पंचायत प्रतिनिधियों, पारंपरिक कामगारों और बेरोजगार युवाओं को साधने की यह रणनीति महागठबंधन के लिए चुनावी गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

तेजस्वी यादव पिछले कुछ महीनों से ‘ युवा रोजगार यात्रा ‘ और ‘ जनसंवाद ‘ कार्यक्रमों के जरिए जनता से सीधा संपर्क बनाए हुए हैं। हर सभा में वे नौकरी, शिक्षा और सम्मान की बात करते हैं। उनका कहना है, “बिहार में गरीबी नहीं, अवसरों की कमी है। अगर सरकार ईमानदारी से काम करे, तो हर घर खुशहाल बन सकता है।”

चुनावी समीकरणों पर असर

तेजस्वी यादव की यह घोषणाएं ऐसे समय आई हैं जब 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं, और 14 नवंबर को मतगणना होगी। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों और छोटे कामगार वर्ग को साधने की कोशिश ग्रामीण मतदाताओं पर सीधा असर डाल सकती है।

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Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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