छठ पूजा पर ‘मोंथा’ का कहर ! बिहार-जमशेदपुर तक पहुंच सकता है तूफान का असर”
छठ पर चक्रवात ‘मोंथा’बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवात ‘मोंथा’ (Montha) अब कई राज्यों के लिए चिंता का सबब बन गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। इसका असर छठ पर्व के दौरान बिहार और झारखंड तक देखने को मिल सकता है, जिससे व्रत और पूजा के समय मौसम में बाधा आने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम 25 अक्टूबर तक डिप्रेशन और 27 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का रूप ले सकता है। ओडिशा में 27 से 29 अक्टूबर के बीच भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। IMD भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती ने मछुआरों को 26 अक्टूबर से समुद्र में न जाने की सलाह दी है। समुद्र में मौजूद मछुआरों को तुरंत किनारे लौटने और विभाग के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।
पश्चिम बंगाल में असर शुरू
पश्चिम बंगाल में भी चक्रवात ‘मोंथा’ का असर दिखने लगा है। कोलकाता और दक्षिण बंगाल के जिलों में मंगलवार से भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण 24 परगना, मेदिनीपुर, हावड़ा, हुगली, झाड़ग्राम, नदिया और मुर्शिदाबाद में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी, मालदा, कूचबिहार और अलीपुरद्वार में बुधवार और गुरुवार को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
छठ पर्व पर चिंता बढ़ी
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि चक्रवात ‘मोंथा’ के कारण छठ पूजा के घाटों पर मौसम प्रभावित हो सकता है। बारिश और तेज हवाएं व्रतियों के लिए चुनौती बन सकती हैं। बिहार और झारखंड के कई जिलों में प्रशासन ने आपात टीमों को तैयार रखा है और पूजा स्थलों पर सुरक्षा व सफाई पर नजर रखी जा रही है।
राज्य सरकारें अलर्ट पर
ओडिशा सरकार ने चक्रवात के खतरे को देखते हुए सभी जिलों में आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है। राज्य के मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि सरकार पूरी तरह तैयार है और सभी विभागों को सतर्क किया गया है। 27 से 29 अक्टूबर के बीच तेज बारिश और हवाओं के चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
ओडिशा सरकार ने चक्रवात ‘मोंथा’ से निपटने के लिए राहत केंद्र, निकासी योजना और जरूरी आपूर्ति की व्यवस्था की है। मंत्री ने लोगों से घबराने के बजाय सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना यह दबाव 27 अक्टूबर तक चक्रवात का रूप ले सकता है। इसी को देखते हुए राज्य में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

तमिलनाडु भी सतर्क
तमिलनाडु प्रशासन ने भी एहतियात बरतते हुए तटीय जिलों में चौकसी बढ़ा दी है। तूतीकोरिन जिले में मछली पकड़ने पर रोक लगा दी गई है। अधिकारियों ने लोगों को समुद्र तट से दूर रहने और मौसम की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की है। तटीय इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
जन्मदिन विशेष : छठ पूजा और लोकगीतों की अमर आवाज शारदा सिन्हा