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जैश-ए-मोहम्मद का ‘ऑनलाइन जिहाद स्कूल’: घर बैठे तैयार 2025

जैश-ए-मोहम्मद का ‘ऑनलाइन जिहाद स्कूल’: घर बैठे तैयार हो रहीं महिला आतंकवादी

पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने महिलाओं को निशाना बनाते हुए एक नया और खतरनाक कदम उठाया है। संगठन ने ‘तुफात अल-मुमिनात’ नामक एक ऑनलाइन जिहाद स्कूल शुरू किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य घर बैठे ही महिलाओं को कट्टरपंथी बनाना और उन्हें आतंकवादी गतिविधियों के लिए तैयार करना है।

महिला ब्रिगेड के लिए ऑनलाइन भर्ती अभियान

इस ऑनलाइन जिहाद स्कूल के माध्यम से जैश-ए-मोहम्मद अपनी महिला ब्रिगेड ‘जमात-उल-मुमिनात’ का विस्तार करना चाहता है। यह कोर्स महिलाओं को जिहाद, धर्म और इस्लाम के प्रति उनके कथित कर्तव्यों के बारे में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षण देगा, जिससे वे संगठन में शामिल होने के लिए प्रेरित हों।

ऑनलाइन जिहाद स्कूल

कोर्स का विवरण

    1. कोर्स का नाम: तुफात अल-मुमिनात
    2. अवधि: प्रतिदिन 40 मिनट का प्रशिक्षण
    3. शुल्क: 500 पाकिस्तानी रुपये
    4. प्रारंभ तिथि: यह महिला भर्ती अभियान 8 नवंबर से शुरू होगा।

नेतृत्व और संचालन

इस ऑनलाइन मॉड्यूल का नेतृत्व जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर की बहनें – सादिया अजहर और समायरा अजहर – उमर फारूक की पत्नी के साथ मिलकर करेंगी। यह दर्शाता है कि संगठन अपने शीर्ष नेतृत्व के करीबी सदस्यों को इस अभियान में शामिल कर रहा है।

जैश-ए-मोहम्मद की रणनीति: धन उगाही और संगठन का विस्तार

रिपोर्ट्स के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद इस ऑनलाइन जिहाद स्कूल को केवल भर्ती के साधन के रूप में ही नहीं, बल्कि संगठन को फिर से मजबूत करने के लिए चंदा इकट्ठा करने के प्लेटफॉर्म के रूप में भी इस्तेमाल कर रहा है। कोर्स की फीस के नाम पर महिलाओं से पैसे लिए जा रहे हैं, जिसका उपयोग संगठन के संचालन और महिला ब्रिगेड के विस्तार के लिए किया जाएगा।

परिवारों की महिलाओं को मैदान में उतारा

संगठन ने अपने इस अभियान को तेज करने के लिए मसूद अजहर और उसके कमांडरों सहित अपने परिवार की महिला सदस्यों को भी इसमें शामिल किया है। ये महिलाएं चंदा इकट्ठा करने और नई भर्तियों को प्रोत्साहित करने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

ठिकानों में बदलाव और लगातार चंदे की अपील

पहलगाम हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय वायु सेना द्वारा कई आतंकी ठिकानों के नष्ट होने से जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों को पाकिस्तान में अपने ठिकाने बदलने पड़े हैं। इन संगठनों ने विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अपने ठिकानों को स्थानांतरित करने की कोशिश की है।

मसूद अजहर की अपील और महिला विंग की घोषणा

मसूद अजहर और उसके साथी लगातार बैठकों और भाषणों में चंदा देने की अपील कर रहे हैं।

    1. 27 सितंबर: बहावलपुर के मरकज़ उस्मान ओ अली में चंदे की अपील की गई।
    2. 8 अक्टूबर: मसूद अजहर ने जैश की महिला विंग की आधिकारिक घोषणा की।
    3. 19 अक्टूबर: पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर के रावलकोट में ‘दुख़्तरान-ए-इस्लाम’ नामक एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो महिला सदस्यों को लामबंद करने का हिस्सा था।

यह दर्शाता है कि जैश-ए-मोहम्मद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के दबाव के बावजूद अपनी आतंकी गतिविधियों को जारी रखने और महिलाओं को हथियार बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है, जिसमें ऑनलाइन जिहाद स्कूल एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

ऑनलाइन जिहाद स्कूल’

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