भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान के बड़े-बड़े अफसरों की नींद उड़ गई है। बौखलाए जनरल के बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं। उधर, भारत अपनी वायुसेना को और मजबूत करने के लिए MRFA प्रोजेक्ट के ज़रिए नई उड़ान भरने जा रहा है।
भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को बेचैन कर दिया। वहीं, भारत अपनी वायुसेना को MRFA प्रोजेक्ट के तहत 114 नए लड़ाकू विमानों से मजबूत बनाने जा रहा है। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत यह प्रोजेक्ट देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ाएगा।
नई दिल्ली, द लोकधर्म : भारत की ताकत और रणनीति ने एक बार फिर पाकिस्तान को बेचैन कर दिया है। हाल ही में भारत की ओर से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के असर से पाकिस्तान में हलचल मच गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान की सरकार और सेना दोनों के बीच खलबली मचा दी। इसी बीच पाकिस्तान के एक बड़े सैन्य अधिकारी का बयान सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया।
दरअसल, पाकिस्तान के जनरल साहिर शमशाद मिर्जा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में जनरल मिर्जा भारत के बारे में ऐसी बातें कह रहे हैं जो न सिर्फ बेतुकी लगती हैं बल्कि यह भी दिखाती हैं कि पाकिस्तान अंदर से कितना घबराया हुआ है। जनरल ने कहा कि “भारत की राजनीति को सेना कंट्रोल करती है।’ यह बात उसी देश के अफसर ने कही है जहाँ की सेना खुद सरकार से लेकर मीडिया तक को नियंत्रित करती है। ऐसे बयान से साफ झलकता है कि पाकिस्तान के जनरल अपनी बौखलाहट छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।”
भारत की मार का असर ‘ दिमाग ‘ पर
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पाकिस्तान की पूरी फौज और सियासत में बेचैनी बढ़ गई है। भारत की कार्रवाई इतनी सटीक रही कि अब वहां के नेता और अफसर दोनों कुछ भी बोलने की हालत में हैं। जनरल मिर्जा का बयान भी उसी गुस्से और डर का नतीजा माना जा रहा है। वीडियो में मिर्जा यह भी कहते हैं कि “अगली जंग कश्मीर तक सीमित नहीं रहेगी।” यह बात साफ दिखाती है कि भारत की रणनीति ने पाकिस्तान के अंदर गहरी चिंता पैदा कर दी है। वहीं, उन्होंने यह दावा भी किया कि पाकिस्तान ने “96 घंटे अपने दम पर जंग लड़ी।” अब यह सुनकर सोशल मीडिया पर लोग मज़ाक उड़ाने लगे किसी ने लिखा “96 घंटे? या 96 मिनट भी नहीं टिक पाए!” तो किसी ने कहा कि “बयान सुनकर लग रहा है जैसे कोई कहानी सुनाई जा रही हो।”
कश्मीर राग और परमाणु धमकी
जनरल मिर्जा अपने भाषण में बार-बार वही बातें दोहराते दिखे जो पाकिस्तान हर बार कहता आया है। कश्मीर, संयुक्त राष्ट्र और परमाणु हथियार। उन्होंने कहा कि “कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव लागू किए जाने चाहिए।”लेकिन लोग यह भी जानते हैं कि अगर वो प्रस्ताव मानें, तो पाकिस्तान को सबसे पहले PoK से अपनी सेना हटानी होगी। जो वो कभी नहीं करेगा। बाद में जनरल ने वही पुरानी धमकी भी दोहराई “दक्षिण एशिया में परमाणु टकराव का खतरा है।” यह बयान भी पाकिस्तान की घबराहट को ही दिखाता है। क्योंकि भारत ने हमेशा कहा है कि वह ‘नो फर्स्ट यूज़’ (No First Use) नीति पर चलता है। यानी भारत पहले हमला नहीं करेगा, लेकिन अगर कोई हमला हुआ, तो जवाब ज़रूर देगा।
‘पानी को हथियार बनाया ’ — जनरल की नई कहानी
जनरल मिर्जा ने एक नया आरोप लगाया कि “भारत पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल करता है।” असल में यह बात उन्होंने इसलिए कही क्योंकि हाल के वर्षों में भारत ने अपने जल संसाधनों पर नियंत्रण बढ़ाया है। पाकिस्तान को डर है कि अगर भारत सिंधु नदी के जल का प्रवाह घटा दे, तो वहां की खेती पर असर पड़ सकता है। लेकिन असलियत यह है कि भारत केवल अपने अधिकार के हिसाब से पानी का इस्तेमाल कर रहा है। जैसा कि इंडस वॉटर ट्रीटी (Indus Water Treaty) में तय है।

अब बात भारत की नई तैयारी की — MRFA प्रोजेक्ट
जब पाकिस्तान के अफसर बयानबाज़ी में उलझे हैं, भारत अपनी सुरक्षा को नए स्तर पर ले जाने की तैयारी में जुट गया है। भारतीय वायुसेना अब एक बड़े कदम की तैयारी कर रही है । MRFA (Multi Role Fighter Aircraft) प्रोजेक्ट।
यह प्रोजेक्ट करीब ₹1.66 लाख करोड़ रुपये का है और इसका मकसद भारत की वायु शक्ति को और आधुनिक बनाना है। इसके तहत 114 नए लड़ाकू विमानों की खरीद होगी। ये विमान 4.5 जनरेशन की तकनीक से लैस होंगे। यानी हवा में किसी भी मिशन को पूरा करने की क्षमता रखते हैं।
इन विमानों के आने से वायुसेना की स्क्वॉड्रन संख्या 31 से बढ़कर 42 तक पहुंच जाएगी। यानी भारत एक साथ चीन और पाकिस्तान दोनों मोर्चों पर मजबूत जवाब देने की स्थिति में होगा।
‘मेक इन इंडिया’ से जुड़ेगा नया उड़ान मिशन
इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसे ‘मेक इन इंडिया’ के तहत लागू किया जाएगा। इसका मतलब है कि ज़्यादातर विमान भारत में ही बनाए जाएंगे हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और निजी रक्षा कंपनियां मिलकर इसका उत्पादन करेंगी। इससे भारत में बड़े पैमाने पर रोजगार बढ़ेगा, और साथ ही रक्षा क्षेत्र में विदेशी तकनीक का ट्रांसफर (Technology Transfer) भी होगा। सरकार का लक्ष्य साफ है। अब भारत सिर्फ “हथियार खरीदने वाला देश” नहीं रहेगा, बल्कि “हथियार बनाने वाला देश” बनेगा।
कौन बनेगा भारत का नया हवाई रक्षक?
वायुसेना ने 7 देशों की कंपनियों को इस प्रोजेक्ट में शामिल किया है। इनमें शामिल हैं।
- फ्रांस का राफेल F4,
- अमेरिका के F/A-18 ब्लॉक III और F-21,
- स्वीडन का ग्रिपेन E,
- यूरोप का यूरोफाइटर टाइफून,
- रूस के मिग-35 और सुखोई Su-35।
हर कंपनी अपने विमान को भारत के लिए सबसे बेहतर बताने में लगी है। रक्षा मंत्रालय अगले 12 से 18 महीनों में इन सबका तकनीकी मूल्यांकन पूरा करेगा और फिर चुनेगा कि कौन सा विमान भारत का ‘ आसमान का नया पहरेदार’ बनेगा।
भारत का संदेश साफ है
भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा किसी के भरोसे नहीं छोड़ेगा। चाहे बात ऑपरेशन सिंदूर की हो या MRFA प्रोजेक्ट की दोनों यह दिखाते हैं कि भारत न सिर्फ जवाब देने में सक्षम है, बल्कि भविष्य के लिए तैयार भी है। पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों के बयान चाहे जितने भी उग्र हों, लेकिन भारत का फोकस अपनी क्षमता, तकनीक और आत्मनिर्भरता पर है।
सीडीएस अनिल चौहान ने बताया की ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए क्यों चुना गया आधी रात का वक्त!