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क्या है ये “No Kings” प्रोटेस्ट ? जिसमें अमेरिका से लेकर लंदन तक सड़कों पर उतरे लाखों लोग

क्या है ये “No Kings” प्रोटेस्ट ? जिसमें अमेरिका से लेकर लंदन तक सड़कों पर उतरे लाखों लोग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। लोग ट्रंप की तानाशाही जैसी नीतियों का विरोध कर रहे हैं। इस प्रदर्शन को ‘No Kings’ नाम दिया गया है, जिसका मतलब है — “हम राजा नहीं चाहते।” यह विरोध पूरे अमेरिका में तेजी से फैल रहा है।

द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के छोटे-छोटे शहरों से लेकर न्यूयॉर्क जैसे बड़े शहरों तक ये आंदोलन फैल गया है। अब तक करीब 2,700 जगहों पर लोग एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं। लोग पोस्टर और बैनर लेकर ट्रंप की नीतियों के खिलाफ नारे लगा रहे हैं और लोकतंत्र की रक्षा की मांग कर रहे हैं।

क्या है ये ‘नो किंग्स’ आंदोलन?

अमेरिका के 200 से ज्यादा संगठनों ने मिलकर एक समूह बनाया है, जिसका नाम ‘नो किंग्स’ रखा गया है। इस गठबंधन में ज्यादातर ऐसे संगठन शामिल हैं जो वामपंथी यानी लेफ्ट विचारधारा से जुड़े हैं। इससे पहले जून महीने में भी ऐसा ही ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन किया गया था।

डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जनवरी 2025 को राष्ट्रपति पद संभालने के बाद कई ऐसे फैसले लिए हैं जिनसे लोगों में गुस्सा बढ़ गया है। उन्होंने आयातित सामानों पर टैरिफ बढ़ा दिए, बड़ी संख्या में अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकाला, स्वास्थ्य सेवाओं में कटौती की और अरबपतियों के हित में फैसले लिए। लोगों का कहना है कि ट्रंप आम जनता की जरूरतों को नजरअंदाज कर रहे हैं। इन्हीं नीतियों के खिलाफ अब हजारों की संख्या में अमेरिकी सड़कों पर उतर आए हैं।

कई शहरों में फेडरल फोर्स की तैनाती

ट्रंप ने कई शहरों में फेडरल फोर्स तैनात कर दी है, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। कई स्थानीय नेता भी अब ट्रंप की नीतियों का विरोध कर रहे हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर कोई उनके फैसले का विरोध करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस वजह से विरोध और बढ़ गया है।

No Kings" प्रोटेस्ट

पूरे अमेरिका में फैल रहा है आंदोलन

‘नो किंग्स’ नाम से चल रहा यह आंदोलन अब पूरे अमेरिका में फैल चुका है। देश के 2,700 से ज्यादा शहरों और कस्बों में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें वाशिंगटन डीसी, न्यूयॉर्क, सैन फ्रांसिस्को, अटलांटा, टेक्सास, शिकागो, बोस्टन और न्यू ऑरलियन्स जैसे बड़े शहर भी शामिल हैं। लोग लोकतंत्र की रक्षा और ट्रंप की कथित “तानाशाही नीतियों” के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

Shashwat Srijan

Content Writer

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