गरीब रथ एक्सप्रेस में लगी भीषण आग, जलकर खाक हुए 3 AC कोच! क्या था आग लगने का असली कारण?
गरीब रथ एक्सप्रेस में भीषण आग, तीन कोच जलकर खाक — एक महिला गंभीर रूप से झुलसीं, बाकी यात्री सुरक्षित
शनिवार सुबह करीब सवा सात बजे अमृतसर से सहरसा जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12204) में सरहिंद जंक्शन के पास बड़ा हादसा हो गया। ट्रेन के तीन एसी कोच G-18, G-19 और G-20 में अचानक आग लग गई। इन कोचों में करीब 125 यात्री सवार थे। हादसे के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और सभी को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी के अनुसार, सबसे पहले कोच नंबर G-19 से धुआं निकलता देखा गया। एक यात्री ने तुरंत अलार्म चेन खींची, जिसके बाद ट्रेन को सरहिंद आउटर पर रोका गया। तभी यात्रियों को नीचे उतारा गया और रेलवे स्टाफ ने राहत कार्य शुरू कर दिया। इस दौरान बिहार के छपरा जिले की रहने वाली जीरा देवी गंभीर रूप से झुलस गईं। उन्हें तुरंत राजपुरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
तीन कोच पूरी तरह क्षतिग्रस्त
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बाकी सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी अन्य को गंभीर चोट नहीं आई है। लेकिन तीनों कोच पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
हादसे के बाद रेलवे ने तुरंत राहत व्यवस्था शुरू की। क्षतिग्रस्त कोचों के यात्रियों को दूसरे डिब्बों में बैठाकर अंबाला तक भेजा गया। वहां पर चंडीगढ़ से तीन नए कोच मंगवाए गए और ट्रेन को फिर से रवाना किया गया। अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन की आगे की यात्रा अब सामान्य रूप से जारी है।

करीब चार घंटे बाधित रहा यातायात
इस हादसे की वजह से लुधियाना से अंबाला के बीच रेल यातायात करीब साढ़े चार घंटे तक बाधित रहा। वंदे भारत, शताब्दी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को रोकना पड़ा। सुबह 11:45 बजे क्षतिग्रस्त डिब्बों को ट्रैक से हटाकर लाइन बहाल की गई और 12:02 बजे शताब्दी एक्सप्रेस को दिल्ली की ओर रवाना किया गया। सुबह 11 बजे के बाद अंबाला से लुधियाना की दिशा में ट्रेनों का संचालन दोबारा शुरू कर दिया गया।
स्थानीय प्रशासन और नेताओं की तत्परता
घटना की जानकारी मिलते ही SSP शुभम अग्रवाल, विधायक लखबीर सिंह राय और शिअद उपाध्यक्ष बलजीत सिंह भुट्टा मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत कार्यों की निगरानी की और यात्रियों से बातचीत की। स्थानीय प्रशासन ने भी यात्रियों को आवश्यक सहायता और खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध कराई।