गुजरात में नई टीम के साथ सत्ता में नई चमक, हर्ष संघवी बने डिप्टी सीएम — रिवाबा जडेजा समेत 25 नए चेहरों ने संभाली जिम्मेदारी

गुजरात की राजनीति में शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा। भूपेंद्र पटेल सरकार के नए मंत्रिपरिषद का शपथ ग्रहण समारोह गांधीनगर में आयोजित किया गया। इस कैबिनेट विस्तार में युवा नेता हर्ष संघवी को राज्य का नया उपमुख्यमंत्री बनाया गया है, जबकि क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की पत्नी और पहली बार विधायक बनीं रिवाबा जडेजा को भी मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने 25 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इनके साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को मिलाकर अब गुजरात कैबिनेट में कुल 26 सदस्य हो गए हैं।
गुजरात की राजनीति में ‘नई टीम’ — क्षेत्रीय, जातीय और सामाजिक संतुलन का फार्मूला
बीजेपी ने इस बार मंत्रिमंडल के गठन में जातीय, सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को बारीकी से साधा है। सूत्रों के मुताबिक, 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि हर समाज और इलाके को प्रतिनिधित्व मिले। पार्टी ने युवाओं, महिलाओं और अनुभवी विधायकों — तीनों को संतुलित करते हुए नई टीम तैयार की है।

कौन हैं नए डिप्टी सीएम हर्ष संघवी?
हर्ष संघवी गुजरात की राजनीति में कम उम्र में ही बड़ी जिम्मेदारियों तक पहुंचे। वह तीन बार के विधायक हैं और सूरत की मजुरा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। पहली बार 2012 में विधायक बनने के बाद उन्होंने लगातार 2017 और 2022 में भी जीत दर्ज की। 2021 में जब भूपेंद्र पटेल मुख्यमंत्री बने, तो हर्ष संघवी को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया था। अब उन्हें प्रमोशन देते हुए डिप्टी सीएम बनाया गया है।
संघवी की राजनीतिक यात्रा और उपलब्धियां
कॉमर्स ग्रेजुएट, सूरत के वीर नर्मद साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी से राजनीति में प्रवेश विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता से शुरुआत, फिर युवा मोर्चा में सक्रिय भूमिका, 2012 में मजुरा विधानसभा सीट से 2022 का चुनाव आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी PVS शर्मा को 1,16,675 वोटों के विशाल अंतर से हराया संघवी को बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व का करीबी माना जाता है। उन्होंने आदिवासी इलाकों में सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारियों पर जागरूकता अभियान चलाया और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता काफी है।
उनका जैन समाज से संबंध है — एक ऐसा समुदाय जो संख्या में भले छोटा है, लेकिन आर्थिक और सामाजिक रूप से अत्यंत प्रभावशाली है। हर्ष संघवी को उपमुख्यमंत्री बनाकर बीजेपी ने इस प्रभावशाली वर्ग को साधने की कोशिश की है।

कौन हैं रिवाबा जडेजा?
क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा इस बार गुजरात की राजनीति में नया चेहरा बनकर उभरी हैं। वे जामनगर नॉर्थ सीट से विधायक हैं और पहली बार विधानसभा पहुंची थीं। 2 नवंबर 1990 को जन्मी रिवाबा, राजकोट की मूल निवासी हैं। उन्होंने गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के आत्मीय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। रिवाबा 2016 में क्रिकेटर रवींद्र जडेजा से विवाह बंधन में बंधीं। शादी के बाद से ही उन्होंने सामाजिक कार्यों में कदम रखा। वह ‘ श्री मातृशक्ति चैरिटेबल ट्रस्ट ‘ नामक एनजीओ चलाती हैं, जो महिलाओं के सशक्तिकरण और शिक्षा के लिए काम करता है।
रिवाबा की राजनीतिक यात्रा और पृष्ठभूमि
- राजनीति में एंट्री – 2019 में बीजेपी में शामिल हुईं
- पहला चुनाव – 2022 विधानसभा, जामनगर नॉर्थ से
- आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार करसनभाई करमूर को 50,000 से अधिक वोटों से हराया
क्षत्रिय समाज से संबंध
रिवाबा पीएम नरेंद्र मोदी की कार्यशैली से प्रभावित हैं और उन्हें बीजेपी की “महिला सशक्तिकरण की नई आवाज़” के रूप में देखा जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि उनकी ननद नयना बा जडेजा कांग्रेस से जुड़ी हुई हैं, हालांकि 2022 में उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा था। इसके बावजूद नयना बा ने उस वक्त कांग्रेस के उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार किया था।

मंत्री पद की शपथ लेने वाले 25 विधायकों की सूची
- हर्ष संघवी (डिप्टी सीएम)
- त्रिकम छांगा
- स्वरूपजी ठाकोर
- प्रवीण माली
- ऋषिकेश पटेल
- पीसी बरंडा
- दर्शना वाघेला
- कांतिलाल अमृतिया
- कुंवरजीभाई बावलिया
- रिवाबा जडेजा
- अर्जुन भाई मोढवाडिया
- डॉ. प्रद्युम्न वाजा
- कौशिक वेकारिया
- परषोत्तमभाई सोलंकी
- जीतेन्द्रभाई वाघाणी
- रमणभाई सोलंकी
- कमलेशभाई पटेल
- संजय सिंह महीडा
- रमेशभाई कटारा
- प्रफुल पानसेरिया
- मनीषा वकील
- ईश्वर सिंह पटेल
- डॉ. जयरामभाई गामित
- नरेशभाई पटेल
- कनुभाई देसाई

राजनीतिक मायने — 2027 की तैयारी शुरू
बीजेपी के रणनीतिकारों का कहना है कि यह कैबिनेट विस्तार साल 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी है। हर्ष संघवी को डिप्टी सीएम बनाकर पार्टी ने युवाओं और व्यापारिक वर्ग को संदेश दिया है, वहीं रिवाबा जैसी नई महिला नेता को शामिल कर बीजेपी ने महिला मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है। वहीं, कांग्रेस छोड़कर आए अर्जुन मोढवाडिया को मंत्री बनाकर बीजेपी ने विपक्षी खेमे में भी सेंध लगाने की रणनीति अपनाई है।
विपक्ष के आरोप और बीजेपी की प्रतिक्रिया
विपक्ष ने इस फेरबदल को राजनीतिक अवसरवाद बताया, जबकि बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह “विकास और जनसेवा के लिए जरूरी था। भाजपा सांसद मयंक नायक ने कहा, “यह मंत्रिमंडल जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा। विपक्ष के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए सिर्फ बयानबाजी कर रहा है।”