अयोध्या का दीपोत्सव 2025 पहली बार पूरा राम मंदिर परिसर जगमगाएगा। ये उत्सव और भव्य बनने जा रहा है।

इस बार अयोध्या का दीपोत्सव पहले से कहीं ज़्यादा भव्य और यादगार होने जा रहा है। वजह भी खास हैं। पहली बार भव्य राम मंदिर का पूरा 70 एकड़ परिसर दीपों की रोशनी में नहाने वाला है। मंदिर के चारों दिशाओं में फैले करीब चार किलोमीटर के इलाके को डेढ़ लाख दीयों से सजाया जाएगा। इस बार 19 अक्टूबर की शाम ठीक 5:30 बजे से पूरा परिसर जगमगाएगा।
गिनीज बुक की टीम पहुंची अयोध्या
दीपोत्सव के साथ इस बार एक और बड़ा आकर्षण जुड़ गया है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम खुद अयोध्या पहुंच चुकी है। टीम के कंसल्टेंट निश्चल बरोट ने बताया कि इस बार सिर्फ एक नहीं बल्कि दो नए वर्ल्ड रिकॉर्ड बनने वाले हैं। करीब 30 लोगों की टीम अयोध्या में है जो अलग-अलग घाटों की जिम्मेदारी संभाल रही है। नए स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि हर दीप सही समय पर जले और कोई गलती न हो। 
रामकथा सुनाएंगे आसमान में उड़ते 1,100 ड्रोन
दीपोत्सव की शाम आसमान भी रामभक्ति में रंग जाएगा। 1,100 स्वदेशी ड्रोन मिलकर रामायण के अलग-अलग प्रसंगों को हवा में प्रदर्शित करेंगे। ड्रोन शो और 3D लेजर शो को देखने के लिए श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पर्यटन विभाग ने घोषणा की है कि ये शो 18 और 19 अक्टूबर की रात दो दिनों तक होंगे। यह म्यूजिकल शो भक्तों को ऐसी अनुभूति देगा जैसे वे रामायण के युग में ही पहुंच गए हों।
56 घाटों पर जलेंगे 26 लाख दीप
राम की पैड़ी और आसपास के 56 घाटों पर करीब 26 लाख दीप जलाने की तैयारी है। यह दृश्य न सिर्फ देश बल्कि पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। लहरों में झिलमिलाती दीयों की रौशनी भक्तों के दिलों में भक्ति और उल्लास दोनों भर देगी।

रामायण वैक्स म्यूजियम बनेगा नया आकर्षण
अयोध्या के दीपोत्सव में इस बार एक और खास तोहफा जुड़ रहा है। दुनिया का पहला रामायण वैक्स म्यूजियम। यह म्यूजियम भव्य राम मंदिर के पास ही बनाया गया है और इसकी लागत करीब छह करोड़ रुपये बताई जा रही है। दीपोत्सव के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इसका उद्घाटन करेंगे और इसे श्रद्धालुओं को समर्पित करेंगे।
इस म्यूजियम में त्रेता युग के पौराणिक प्रसंगों को जीवंत करने की कोशिश की गई है। यहां भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, हनुमान, रावण और विभीषण जैसे कुल 50 पात्रों की वैक्स प्रतिमाएं लगाई गई हैं। यह दो मंजिला म्यूजियम केरल की पारंपरिक वास्तु शैली में बना है, जो दक्षिण भारत की कलात्मकता का सुंदर उदाहरण है।

साक्षात राम युग का रामायण का हर पल
म्यूजियम का निचला हिस्सा रामलला के बाल रूप से लेकर सीता स्वयंवर और वन गमन तक की कहानियाँ दिखाता है। वहीं ऊपर का हिस्सा वनवास, लंका दहन और राम-रावण युद्ध के रोमांचक दृश्यों से सजा है।पूरा हॉल एयर कंडीशन्ड है और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड और चार इमरजेंसी गेट लगाए गए हैं।
म्यूजियम की कमाई का 12 प्रतिशत हिस्सा नगर निगम को दिया जाएगा ताकि शहर के विकास में भी योगदान हो। साथ ही परिसर में पार्किंग, कॉफी हाउस, स्नैक्स जोन और मनोरंजन क्षेत्र की व्यवस्था भी की गई है।
हर कोने में छाई होगी रोशनी की घटा
अभी तक दीपोत्सव का आयोजन सिर्फ गर्भगृह और दर्शनपथ तक सीमित रहता था, लेकिन इस बार का आयोजन बहुत बड़ा होने वाला है। मंदिर निर्माण का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है, चारों ओर सफाई और सजावट का काम खत्म हो गया है। अब जब पूरा परिसर तैयार है, तो राम मंदिर ट्रस्ट ने दीपोत्सव को और विशाल रूप देने की योजना बनाई है।
मंगलवार की शाम मंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बैठक कर सभी तैयारियों का जायजा लिया। हर टीम को अलग-अलग जिम्मेदारियाँ दी गईं ताकि आयोजन में कोई कमी न रह जाए।