अफगानिस्तान ने कहा ‘हम नहीं झुकेंगे’, बौखलाए पाकिस्तानी रक्षामंत्री ने लगाए भारत पर युद्ध भड़काने के आरोप
पाकिस्तान-अफ़ग़ान युद्ध के बीच 48 घंटे के लिए सीज़फ़ायर की घोषणा
पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच पिछले हफ्ते शुरू हुआ हिंसक संघर्ष अब थोड़ा कम हुआ है। 15 अक्टूबर को दोनों देशों ने 48 घंटे के लिए सीज़फ़ायर की घोषणा की है। पाकिस्तान की ओर से रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ़ ने कहा है कि उन्हें शक है यह संघर्षविराम ज़्यादा दिन नहीं टिकेगा, क्योंकि तालिबान भारत के असर में हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अफ़ग़ानिस्तान ने हमला किया तो पाकिस्तान कड़ा जवाब देगा। वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि संघर्षविराम के दौरान दोनों देश बातचीत से हल निकालने की कोशिश करेंगे।
“हम शांति चाहते हैं, युद्ध किसी समस्या का हल नहीं है”
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि यह कदम अफ़ग़ान सरकार के अनुरोध पर उठाया गया ताकि हिंसा पर रोक लग सके। वहीं अफ़ग़ानिस्तान के तालिबान प्रवक्ता ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के “दबाव” में लिया गया है। अब दोनों देशों की सेनाएँ दो दिन तक कोई हमला नहीं करेंगी। इस बीच चमन और तुर्खम जैसी सीमा चौकियाँ बंद हैं और व्यापार पूरी तरह रोका जा चुका है।
वहीं अफ़ग़ानिस्तान की ओर से तालिबान प्रवक्ता मुजाहिद ने कहा कि यह युद्धविराम पाकिस्तान की ज़िद पर लागू किया गया है। उन्होंने अपने सैनिकों को आदेश दिया है कि अगर पाकिस्तान हमला नहीं करता, तो वे भी फायर न करें। अफ़ग़ान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताक़ी, जो इस वक्त भारत यात्रा पर हैं, ने कहा है कि “हम शांति चाहते हैं, युद्ध किसी समस्या का हल नहीं है।”
चीन और रूस ने की संयम रखने की अपील
चीन और रूस ने इस झड़प को लेकर चिंता जताई है और शांति बरतने की अपील की है। चीन ने कहा कि दोनों देशों को मिलकर आतंकवाद से लड़ना चाहिए। रूस ने भी कहा कि क्षेत्र में शांति बनी रहनी चाहिए। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी मध्यस्थता की पेशकश की है।
कैसे शुरू हुई हिंसा
गुरुवार (11 अक्टूबर) को पाकिस्तान ने काबुल और पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में हवाई हमले किए थे, जिससे तनाव बढ़ गया। शनिवार (12 अक्टूबर) को अफ़ग़ान सैनिकों ने पाकिस्तान की सीमा चौकियों पर गोलीबारी की, जिसके बाद पाकिस्तान ने तोपों से जवाब दिया। दोनों देशों ने एक-दूसरे की चौकियाँ नष्ट करने का दावा किया। पाकिस्तान ने कहा कि उसने कंधार प्रांत में तालिबान के दो ठिकाने उड़ा दिए और 20 तालिबान लड़ाके मारे। पाकिस्तान की वायुसेना ने उसी क्षेत्र में तालिबान ब्रिगेड पर एयरस्ट्राइक की, जिसमें दर्जनों लड़ाके मारे जाने का दावा किया गया। अफ़ग़ान सरकार ने कहा कि पाकिस्तान के हमलों से रिहायशी इलाके भी तबाह हुए।
तालिबान ने कहा कि उन्होंने ये हमले पाकिस्तान के हवाई हमलों के बदले में किए हैं। पाकिस्तान का कहना है कि उसने केवल आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया है ताकि सीमा पर सुरक्षा बनी रहे। दोनों तरफ़ से भारी हथियारों का इस्तेमाल हुआ — तोपें, मशीनगन आदि तक शामिल हैं। पाकिस्तान के मुताबिक़ उसके 6 जवान और 9 आतंकवादी मारे गए, जबकि तालिबान का दावा है कि उन्होंने 58 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया।

दोनों ओर कितना नुकसान हुआ
इस संघर्ष में दोनों तरफ़ कई सैनिक और नागरिक मारे गए हैं। पाकिस्तान ने कहा कि उसके 23 सैनिक शहीद हुए। अफ़ग़ानिस्तान का दावा है कि पाकिस्तान के 58 सैनिक मारे गए, जबकि उनके 9 लोग मरे हैं। तालिबान ने बताया कि 15 आम नागरिकों की मौत हुई और करीब 100 लोग घायल हुए।
पाकिस्तान ने कहा कि उसकी तरफ़ 4 नागरिक घायल हुए हैं। युद्ध में अफ़ग़ान पत्रकार अब्दुल ग़फूर अबीद की भी मौत हो गई, जो RTA चैनल से जुड़े थे।
पाकिस्तान का आरोप है कि अफ़ग़ानिस्तान टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) जैसे संगठनों को पनाह देता है। अफ़ग़ानिस्तान इसे मानने से इंकार करता है। अफ़ग़ान विदेश मंत्री की भारत यात्रा से पाकिस्तान को शक हुआ कि तालिबान भारत के और करीब जा रहा है।
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