राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने राघोपुर विधानसभा सीट से तीसरी बार नामांकन दाखिल किया।
हलफनामे में उनकी कुल संपत्ति 8.1 करोड़ रुपये और 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
नामांकन पर भारी समर्थक जमावड़ा और रोड शो भी हुआ।
बिहार विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बुधवार 15 अक्टूबर को वैशाली जिले की राघोपुर विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल कर दिया है । तेजस्वी यादव ने कल नामांकन के दौरान दाखिल हलफनामे में अपनी संपत्ति, कर्ज, देनदारी और आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी सार्वजनिक की।
तेजस्वी पर है करोड़ों का कर्जा
हलफनामे के मुताबिक, तेजस्वी यादव की कुल संपत्ति लगभग 8.1 करोड़ रुपये है, जिसमें चल और अचल दोनों प्रकार की संपत्तियाँ शामिल हैं। वहीं, उन पर 4.40 करोड़ रुपये का कर्ज भी बकाया है। तेजस्वी के पास खुद का कोई वाहन नहीं है, लेकिन उनके पास इतालवी निर्मित पिस्तौल और 50 जिंदा कारतूस हैं।

तेजस्वी यादव की कुल संपत्ति
– ₹6 करोड़ 12 लाख 48 हजार 877 रुपये – कुल चल संपत्ति
– ₹1 करोड़ 88 लाख 50 हजार रुपये – कुल अचल संपत्ति
– लगभग ₹8.1 करोड़ रुपये। – कुल संपत्ति मूल्य
– ₹4 करोड़ 40 लाख 50 हजार रुपये – कुल देनदारी (कर्ज)
– ₹1 करोड़ 35 लाख रुपये – सरकारी बकाया
– ₹1.5 लाख रुपये – कैश इन हैंड
– 200 ग्राम सोना और 2 किलो चांदी – गहने
– इटालियन मेड पिस्तौल और 1.05 लाख रुपये के 50 कारतूस – हथियार
– एक डेस्कटॉप और एक लैपटॉप – डिजिटल डिवाइस
हलफनामे में यह भी दर्ज है कि तेजस्वी यादव के पास कई बैंक खाते हैं, जिनमें कुल ₹55.55 लाख रुपये की देनदारियाँ दर्ज हैं।
18 आपराधिक मामले दर्ज
हलफनामे के मुताबिक, तेजस्वी यादव पर कुल 18 आपराधिक मामले बिहार के विभिन्न जिलों में दर्ज हैं। इसके अलावा, 4 मामले ट्रिब्यूनल अपील में लंबित हैं। ये मुकदमे मुख्यतः राजद शासनकाल से जुड़े पुराने मामलों और विरोधियों द्वारा दायर शिकायतों से संबंधित बताए जा रहे हैं।
पत्नी राजश्री यादव कुल संपत्ति
तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री यादव ने भी अपनी संपत्ति का ब्योरा पेश किया है। हलफनामे के अनुसार जानें
– ₹1.88 करोड़ रुपये – कुल संपत्ति
– ₹59.69 लाख रुपये – अचल संपत्ति
– ₹1 लाख रुपये – कैश इन हैंड
– 480 ग्राम सोना – सोना
तेजस्वी यादव के पास इस वक्त कोई निजी वाहन नहीं है, जबकि उनके पास 200 ग्राम सोना, 2 किलो चांदी, और महंगी पिस्तौल जैसी वस्तुएँ हैं। रिपोर्ट में दर्ज विवरण के अनुसार, वह डिजिटल डिवाइसेज़ (एक लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर) के भी मालिक हैं, जिनका उपयोग चुनावी कार्य और सोशल मीडिया कैंपेन में किया जाता है।

परिवार संग किया शक्ति प्रदर्शन
नामांकन के दौरान राघोपुर की सड़कों पर राजद समर्थकों का जबरदस्त जमावड़ा देखने को मिला। पार्टी ने इसे एक बड़े शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया, जिसमें हजारों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। तेजस्वी के साथ मंच पर उनके माता-पिता लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी, बहन मीसा भारती, और करीबी सहयोगी संजय यादव भी मौजूद रहे।
तेजस्वी ने रोड शो के दौरान कहा
“राघोपुर की जनता ने मुझ पर दो बार भरोसा जताया है। यह मेरा तीसरा नामांकन है और मुझे यकीन है कि जनता इस बार भी बदलाव के लिए महागठबंधन को आशीर्वाद देगी। बिहार को अब अपराध, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी से मुक्ति चाहिए।”
कर्ज और बकाया पर उठे सवाल
तेजस्वी यादव के हलफनामे में दर्ज कर्ज और सरकारी बकाया पर सियासी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों का कहना है कि इतने बड़े कर्ज और बकाया के बावजूद तेजस्वी खुद को आम जनता का नेता बताते हैं। वहीं, राजद के नेताओं का कहना है कि “तेजस्वी यादव की संपत्ति पूरी तरह वैध है और यह पारिवारिक आय और निवेश का परिणाम है।”

राजनीतिक माहौल गरमाया
तेजस्वी के नामांकन के साथ ही बिहार का राजनीतिक तापमान चढ़ गया है। राजद कार्यकर्ताओं ने इसे ‘बदलाव की शुरुआत’ बताया, वहीं एनडीए खेमे ने तेजस्वी पर ‘कर्जदार नेता’ का तंज कसते हुए कहा कि “जो खुद आर्थिक रूप से पारदर्शी नहीं, वह जनता के पैसे की रक्षा कैसे करेगा?”
विपक्ष के आरोपों पर राजद की ओर से पलटवार
उन्होंने ने कहा “तेजस्वी यादव ने अपने हलफनामे में सब कुछ पारदर्शी तरीके से बताया है। कोई भी बात छिपाई नहीं गई है। यही पारदर्शिता उन्हें बाकी नेताओं से अलग बनाती है।”
तेजस्वी यादव राघोपुर सीट से लगातार तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं। यह सीट लालू परिवार का राजनीतिक गढ़ मानी जाती है। राघोपुर से पहले भी लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी चुनाव जीत चुके हैं। तेजस्वी ने 2015 में इसी सीट से जीत हासिल कर बिहार के उपमुख्यमंत्री बने थे।