बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट पर NCB ने 45.4 किलो हाइड्रो गांजा और 6 किलो साइकोसाइबिन मशरूम जब्त किए।
तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें एक श्रीलंकाई नागरिक भी शामिल है।
बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 45.4 किलो हाइड्रो गांजा और 6 किलो साइकोसाइबिन मशरूम के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। ये 250 वैक्यूम सील फूड टीन्स में छिपाए गए थे। तस्करों में एक श्रीलंकाई नागरिक भी शामिल है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की ज़ोनल यूनिट ने 45.4 किलो हाइड्रो गांजा और 6 किलो साइकोसाइबिन मशरूम जब्त किए जिसमें 2 कंबोडिया और 1 श्रीलंकाई तस्कर गिरफ्तार हुए है
एनसीबी ने बताया कि एजेंसी को थाईलैंड से हाइड्रोपोनिक गांजा की तस्करी में शामिल ड्रग कार्टेल के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी जिसके बाद उन्होंने ने यह जांच अभियान चलाया।
गिरफ्तार तीनों आरोपी
गिरफ्तार तीनों आरोपी के पहचान तजिंदरपाल सिंह उर्फ हैप्पी,और दूसरा विक्रम सिंह भदौरिया और उनके सहयोगी कुंदन सिंह बिष्ट उर्फ केडी के रूप में हुई है।
पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव का बयान
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया, 3 आरोपी में से 1 आरोपी अमृतसर निवासी हैप्पी है जिसने नॉटिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है। वह 2014 में मलेशिया में काम कर चुका है और महामारी के बाद 2022 में भारत लौटने के बाद वह अपने पूर्व मर्चेंट नेवी सहयोगी सुरजीत उर्फ जीता के साथ जुड़ कर तस्करी का काम करने लागा और सुरजीत मेथमफेटामाइन के तस्करी में शामिल था।
उन्होंने बताया कि यह ड्रग्स लगभग 250 फूड टिन्स में वैक्यूम सील करके छुपाए गया था ताकि जांच से बचा जा सके और पूछ– ताछ के दौरान पता चला कि इनका श्रीलंकाई हैंडलर ने बाद में 14 किलो हाइड्रो गांजा और 2 किलो मशरूम लेकर आया था।
क्या है NCB
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) भारत की एक नोडल ड्रग कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसी है, जो नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने के लिए जिम्मेदार है। यह एजेंसी गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है और इसे नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के प्रावधानों को लागू करने का काम सौंपा गया है।
इससे पहले भी ऐसे कई मामलों में लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
NCB अधिकारी ने बताया कि 2025 में बेंगलुरु NCB ने अब तक 18 मामलों में कुल 220 किलो हाइड्रो गांजा जब्त किया है और केरल, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के 45 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।