भारत में वर्तमान में 5.45 करोड़ लोग हृदय रोगों या स्ट्रोक से प्रभावित समस्या आए दिन बेहद ही चिंताजनक स्थिति होती जा रही

अमृतसर: पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री और फिटनेस जगत से एक बेहद दुखद खबर है। मशहूर बॉडीबिल्डर और अभिनेता वरिंदर सिंह घुमन का निधन हो गया है। 41 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। जानकारी के मुताबिक, अमृतसर के फोर्टिस अस्पताल में कंधे के ऑपरेशन के दौरान उन्हें हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
DNA की रिपोर्ट के अनुसार, वरिंदर हाल ही में कंधे के ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे। जैसे ही ऑपरेशन शुरू हुआ, उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) आ गया। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस खबर ने न सिर्फ पंजाबी सिनेमा, को झकझोर कर रख दिया है।
फैंस और साथी कलाकार दे रहे श्रद्धांजलि
फैंस और साथी कलाकार सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान परगट सिंह ने एक्स पर लिखा “यह जानकर बहुत दुख हुआ कि प्रसिद्ध बॉडीबिल्डर और अभिनेता वरिंदर सिंह घुमन का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे एक सच्चे शाकाहारी और अनुशासित खिलाड़ी थे। वाहेगुरु उनकी आत्मा को शांति दे।”
बॉडीबिल्डिंग की दुनिया में बड़ा नाम
पंजाब के गुरदासपुर में जन्मे वरिंदर घुमन ने साल 2009 में मिस्टर इंडिया का खिताब जीता था। इसके बाद उन्होंने मिस्टर एशिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और दूसरे स्थान पर रहे। साल 2011 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया ग्रां प्रिक्स में सफलता पाई और कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
फिटनेस के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें भारतीय बॉडीबिल्डिंग के बड़े चेहरों में शामिल कर दिया। मशहूर हॉलीवुड एक्टर अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर ने भी उनकी मेहनत और शाकाहारी जीवनशैली से प्रभावित होकर उन्हें एशिया में अपने प्रोटीन ब्रांड का ब्रांड एंबेसडर बनाया था।
फिल्मों में भी बनाई पहचान
बॉडीबिल्डिंग में सफलता के बाद वरिंदर ने फिल्मों की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने अपनी पहली फिल्म ‘कबड्डी वन्स अगेन’ (2012) से डेब्यू किया। इसके बाद वे ‘रोर टाइगर्स ऑफ़ द सुंदरबन्स’ (2014), ‘मरजावां’ (2019) और ‘टाइगर 3’ (2023) जैसी फिल्मों में नजर आए। सलमान खान के साथ उनकी उपस्थिति ने उन्हें बॉलीवुड में भी पहचान दिलाई। साथ ही सलमान खान के बहुत बड़े फैन भी थे।

हार्ट अटैक का बढ़ता खतरा
हाल के वर्षों में कई फिट और हेल्दी दिखने वाले लोगों की वर्कआउट के दौरान मौतें सामने आई हैं। जिम में एक्सरसाइज करते हुए या वज़न उठाते वक्त हार्ट अटैक के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि यह केवल ‘ज्यादा एक्सरसाइज’ से नहीं, बल्कि हार्ट में पहले से मौजूद ब्लॉकेज की वजह से होता है। ‘हार्ट अटैक जिम या योगा की वजह से नहीं होता, बल्कि हार्ट में बनी ब्लॉकेज के फटने से होता है। यह कहीं भी और कभी भी हो सकता है। चाहे कोई दौड़ रहा हो, स्विमिंग कर रहा हो या घर पर आराम कर रहा हो।’ तो वहीं कई बार बॉडीबिल्डर्स या फिटनेस प्रेमी मसल्स बढ़ाने के लिए स्टेरॉयड या गलत सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल करते हैं। इससे दिल की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं।
इसके अलावा बहुत अधिक प्रोटीन या फैट वाली डाइट ब्लड में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाती है।
नींद की कमी और तनाव भी हार्ट पर असर डालते हैं।
अगर परिवार में पहले से हार्ट डिज़ीज़ का इतिहास है, तो खतरा और बढ़ जाता है। डॉक्टरों की सलाह है कि जो लोग नियमित रूप से जिम जाते हैं, उन्हें हार्ट चेकअप, ईसीजी और ब्लड टेस्ट कराते रहना चाहिए।
भारत में दिल की बीमारियों की गंभीर स्थिति
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर साल 17.9 मिलियन लोग हृदय संबंधी बीमारियों से मरते हैं। भारत में यह स्थिति और भी चिंताजनक है।
– देश में होने वाली 63% मौतें गैर-संक्रामक बीमारियों से होती हैं।
– इनमें से करीब 27% मौतें केवल हृदय रोगों के कारण होती हैं।
अनुमान है कि भारत में वर्तमान में 5.45 करोड़ लोग हृदय रोगों या स्ट्रोक से प्रभावित हैं। यह समस्या अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही। युवा वर्ग भी तेजी से इसका शिकार बन रहा है।