सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, RBI, SEBI और अन्य नियामकों को नोटिस जारी किया
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और कई वित्तीय नियामकों को नोटिस जारी किया है। यह याचिका उन लोगों के लिए है, जिनके बैंक, बीमा, म्यूचुअल फंड या पेंशन योजनाओं में फंसे पैसे वर्षों से बिना दावे के पड़े हैं।
क्या है मामला?
वरिष्ठ वकील मुक्ता गुप्ता की याचिका में मांग की गई थी कि एक केंद्रीय ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाए, जहाँ लोग अपने सक्रिय, बंद या बिना दावे के पड़े खातों की जानकारी एक ही जगह पर देख सकें। दलील सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह नोटिस जारी किया।
किन संस्थाओं को भेजा गया नोटिस
कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), सेबी (SEBI), बीमा नियामक प्राधिकरण (IRDAI),राष्ट्रीय बचत संस्थान (NSI), कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और पेंशन फंड नियामक प्राधिकरण (PFRDA) को नोटिस भेजा है।
सभी को चार हफ्तों के भीतर जवाब देने का आदेश दिया गया है।
बैंकों में पड़े हैं 1.84 लाख करोड़ रुपये बिना दावे के
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जानकारी दी थी कि देश के बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के पास इस समय लगभग 1.84 लाख करोड़ रुपये बिना दावे के पड़े हैं।
इनमें बैंक जमा, बीमा पॉलिसियां, भविष्य निधि (PF) और शेयर या म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़ी रकम शामिल है।
उन्होंने ‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ नाम से एक विशेष अभियान की शुरुआत की।
“लोगों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है” — निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि ये रकम उनके वास्तविक मालिकों तक पहुँचे।
“लोगों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है और सरकार के संरक्षण में है। जो भी व्यक्ति उचित दस्तावेज़ों के साथ आगे आएगा, उसे उसका पैसा वापस मिल जाएगा।”
सरकार की अपील
वित्त मंत्री ने बताया कि ये सभी बिना दावे की रकम बैंकों, RBI और IIPF (निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण कोष) के पास सुरक्षित है। अक्सर यह रकम इसलिए बिना दावे के रह जाती है क्योंकि लोग या तो पुराने खातों की जानकारी अपडेट नहीं करते, या उन्हें उनके निवेश की स्थिति का पता ही नहीं होता।