लंबे से पीड़ित बीमारी से महाराज को आराम की सलाह, भक्तों से की गई विशेष अपील – दर्शन के लिए न करें प्रतीक्षा

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत को लेकर हाल ही में जानकारी सामने आई है। उनकी गंभीर स्वास्थ्य समस्या के चलते उन्हें कुछ समय आराम करने की सलाह दी गई है। वे अपने प्रवचनों और पदयात्राओं के जरिए भक्तों को मार्गदर्शन देने के लिए जाने जाते हैं। प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त उनके दर्शन के लिए प्रतीक्षा करते हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से उनकी सुबह की पैदल यात्रा स्थगित रही है।
आश्रम की ओर से सूचना –
संत प्रेमानंद लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे हैं और उन्हें नियमित डायलिसिस करवाना पड़ता है। हाल ही में उनकी तबीयत बिगड़ने के कारण वे अपनी रोज़ाना की पैदल यात्रा पर नहीं जा पा रहे हैं। भक्तों को उनकी अनुपस्थिति से चिंता हो रही है और कई लोग मार्ग पर इंतजार करते रहे, लेकिन महाराज नहीं आए। इस पर आश्रम की ओर से स्पष्ट किया गया कि स्वास्थ्य कारणों से उनकी पदयात्रा कुछ समय के लिए स्थगित की गई है।

आख़िर बीमारी का पता कब चला ?
उन्हें उनकी बीमारी का पता 2006 में चला, जब उन्हें अचानक पेट में दर्द हुआ। जांच में पता चला कि उन्हें ‘पॉलीसिस्टिक डिजीज’ है और दोनों किडनी खराब हैं। इसके बाद उन्होंने इलाज के लिए दिल्ली की भी यात्रा की, लेकिन वही परिणाम आया। इसके बाद उन्होंने वृंदावन में रहकर भक्ति में लीन हो गए अपना जीवन प्रभु को समर्पित कर दिया।
भक्तों के लिए संदेश
प्रेमानंद महाराज की यह पदयात्रा न केवल वृंदावन बल्कि देश-विदेश के भक्तों के लिए आध्यात्मिक महत्व रखती है। उनके अनुयायी सोशल मीडिया पर भी उनकी स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थनाएं कर रहे हैं। उन्होंने भक्तों के लिए संदेश देते हुए कहा कि “उनका अभ्यास कभी नहीं छूटता, चाहे वे कितने भी कष्ट में क्यों न हों।
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