भारत रूस से खरीदने जा रहा है 5 और S-400, ऑपरेशन सिंदूर में दिखाया था दम
भारत अपने हवाई सुरक्षा को और मज़बूत करने जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 की सफलता के बाद, भारत अब रूस से पाँच और एस-400 सिस्टम खरीदने की तैयारी में है। उम्मीद है कि इस पर बातचीत इस साल के अंत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान होगी। यह कदम भारत की उत्तरी सीमाओं और समुद्री इलाकों की सुरक्षा को और मजबूत बनाएगा। अमेरिका के दबाव और प्रतिबंधों के बावजूद, भारत ने साफ संदेश दिया है कि उसकी सुरक्षा सबसे अहम है।
मोदी-पुतिन की बैठक से पहले मंजूरी
रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी इस सप्ताह रूस के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे ताकि भारत की लंबी दूरी की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पाँच और एस-400 खरीदने या मिलकर बनाने पर चर्चा की जा सके। माना जा रहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 5 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली बैठक से पहले इस सौदे को मंजूरी मिल सकती है।
भारत और रूस पांच नई एस-400 वायु रक्षा प्रणालियों की खरीद पर बातचीत कर रहे हैं, ताकि देश की 7000 किलोमीटर से अधिक समुद्री तट और उत्तरी क्षेत्र में हवाई सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। चर्चा है कि तीन सिस्टम सीधे खरीदी जाएँगी और बाकी का निर्माण भारतीय निजी कंपनियों द्वारा किया जाएगा।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एस-400 ने दिखाया था दम
एस-400 ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी ताकत और मौजूदगी दोनों साबित की थी। पाकिस्तान ने आदमपुर और भुज एयर बेस पर इसे निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। 7 मई के पहले हमले के बाद एस-400 की धमक से पाकिस्तान के हमले नाकामयाब हो गए । एस-400 मिसाइलों ने पाकिस्तान के पंजाब में 314 किलोमीटर दूर एक ईएलआईएनटी विमान और उत्तर में उनके एफ-16 और जेएफ-17 लड़ाकू विमानों को भी ढेर कर दिया। यह न सिर्फ एक ताकतवर हथियार साबित हुआ, बल्कि पाकिस्तान के हवाई हमलों के खिलाफ कवच बना रहा।
भारत ने रूस से खरीदी S-400 मिसाइल सिस्टम को अपनी सीमाओं और अहम जगहों पर लगाया है। इसे हवाई खतरे पहचानने, लक्ष्यों को ट्रैक करने और उन्हें रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। अब यह भारत की वायु रक्षा का अहम हिस्सा बन गया है।