स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम जरूरी है, लेकिन खराब वायु गुणवत्ता में जॉगिंग नुकसानदेह हो सकती है – घर के अंदर और हरे-भरे इलाकों में व्यायाम को प्राथमिकता दें ।

स्वास्थ्य और फेफड़ों पर प्रदूषण का असर –
स्वस्थ रहने के लिए नियमित व्यायाम बेहद जरूरी है, लेकिन अगर आप सुबह के समय प्रदूषित हवा में दौड़ते हैं तो यह आपके फेफड़ों और शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषित हवा में मौजूद हानिकारक कण सांस की गहराई में जाकर फेफड़ों की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। खासकर अस्थमा या क्रॉनिक बीमारियों वाले लोग इस समय व्यायाम करने से अपनी स्थिति और खराब कर सकते हैं।
ट्रैफिक और वाहनों के धुएं का खतरा
शहरों में ट्रैफिक जाम में फंसे रहने वाले लोगों के फेफड़े सीधे वाहन धुएं के संपर्क में आते हैं। इस धुएं में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड हीमोग्लोबिन के साथ मिलकर शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता कम कर देती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है और लंबे समय में श्वसन समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों की सलाह: सुरक्षित व्यायाम के तरीके
⦁ प्रदूषण का स्तर जांचें
सुबह जॉगिंग पर जाने से पहले अपने इलाके का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) जरूर देखें। जब AQI “Good” या “Moderate” हो तभी बाहर व्यायाम करें।
⦁ हरे-भरे इलाकों का चयन करें
पार्क, गार्डन या कम प्रदूषित इलाकों में दौड़ें।
⦁ घर के अंदर व्यायाम करें
अगर बाहर हवा की गुणवत्ता खराब हो, तो ट्रेडमिल, योग या स्ट्रेचिंग जैसी इंडोर एक्सरसाइज करें।
मास्क पहनें
⦁ प्रदूषित इलाकों में बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल फेफड़ों की सुरक्षा के लिए करें।
सही समय चुनें
सुबह जल्दी दौड़ना बेहतर होता है, जब यातायात कम हो और प्रदूषण स्तर अपेक्षाकृत कम हो।
युवाओं के लिए चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि युवा तेजी से फेफड़ों की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। भारत में हर साल फेफड़ों के कैंसर के लगभग 81,700 नए मामले सामने आते हैं। प्रदूषण और धुएं के कारण अब यह गंभीर बीमारियाँ कम उम्र में भी देखने को मिल रही हैं।
स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम जरूरी है, लेकिन प्रदूषित हवा में दौड़ने से बचना चाहिए। हरे-भरे इलाकों या घर के अंदर व्यायाम करना, और सही समय पर जॉगिंग करना फेफड़ों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।