Fact Check
Search

भारत में बढ़ती आर्थिक असमानता: तेलंगाना सबसे आगे, बिहार-यूपी अब भी पीछे

भारत में आर्थिक असमानता गहराती जा रही है।

तेलंगाना प्रति व्यक्ति आय ₹3.87 लाख के साथ सबसे आगे है, जबकि बिहार-यूपी अब भी राष्ट्रीय औसत से पीछे हैं।

विशेषज्ञ निवेश, शिक्षा और स्वास्थ्य सुधार को समाधान मानते हैं।

 

नई दिल्ली। भारत में आर्थिक असमानता तेजी से बढ़ती जा रही है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, देश का मात्र 1% अमीर वर्ग देश की आधी GDP के बराबर कमाई कर रहा है। वहीं, कई राज्य अब भी राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे हैं। यह असमानता केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक ढांचे पर भी गहरा असर डाल रही है।

 

तेलंगाना सबसे आगे

 

तेलंगाना इस समय प्रति व्यक्ति राज्य घरेलू उत्पाद (NSDP) में ₹3.87 लाख के साथ देश में सबसे आगे है। कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र में संतुलित विकास की बदौलत राज्य ने यह मुकाम हासिल किया है।

राज्य की कुल GDP अब ₹16.12 लाख करोड़ हो चुकी है, जो पिछले वर्ष ₹15.02 लाख करोड़ थी।

 

उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार तेज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने “विकसित यूपी 2047” के तहत पंचायतों से नवाचार आधारित योजनाओं को अपनाने का आह्वान किया है।

उत्तर प्रदेश का 2025-26 के लिए अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद (GDP) लगभग ₹30.8 ट्रिलियन है।

राज्य की प्रति व्यक्ति आय ₹52,000 से बढ़कर ₹1,08,572 तक पहुँच गई है।

महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी भी छह वर्षों में 14% से बढ़कर 36% हो गई है।

राजस्थान को झेलना पड़ा राजकोषीय घाटा

राजस्थान में कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च बढ़ने के कारण 2023-24 में राजस्व से 16% अधिक खर्च हुआ।

इस वजह से राज्य को ₹31,491 करोड़ का राजकोषीय घाटा झेलना पड़ा। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि राजस्व सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में विकास की गति पर असर पड़ सकता है।

पिछड़े राज्य अब भी औसत से पीछे

बिहार, झारखंड, मणिपुर और मध्य प्रदेश जैसे राज्य अब भी प्रति व्यक्ति आय में राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे हैं।

2023-24 में बिहार की प्रति व्यक्ति आय ₹66,828 रही, जो पिछले वर्ष से 12.8% अधिक है।

 

वहीं, 2023-24 में भारत की औसत प्रति व्यक्ति GDP ₹2,15,935 रही।

इन राज्यों में निवेश, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी विकास की राह में बड़ी बाधा बनी हुई है।

 

असमानता को खत्म करने की ज़रूरत

 

राज्यवार प्रति व्यक्ति आय का अंतर भारत में आर्थिक असमानता की गहराई को उजागर करता है।

तेलंगाना, कर्नाटक और हरियाणा जैसे राज्य जहां तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, वहीं बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश अब भी पिछड़े हुए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि पिछड़े राज्यों में निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में सुधार से ही असमानता को कम किया जा सकता है और उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाया जा सकता है।

Shashwat Srijan

Content Writer

Leave a Comment

Your email address will not be published.