इंदौर शीतला माता मंदिर विवाद : दिग्विजय बोले – FIR नहीं हुई तो जाएंगे कोर्ट

इंदौर के शीतला माता मंदिर बाजार में बीजेपी नेता के बेटे द्वारा मुस्लिम कर्मचारियों को हटाने के बयान से शुरू हुए विवाद के बीच, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने थाने में शिकायत दर्ज कराई और 5 अक्टूबर तक FIR दर्ज न होने पर कोर्ट जाने का अल्टीमेटम दिया है।
इंदौर: शीतला माता मंदिर से जुड़े विवाद के कारण शहर में तनाव जारी है और अब यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की वजह से और गरमा गया है। शनिवार को मंदिर जाने से रोके जाने पर उनकी पुलिस से तीखी बहस हुई, जिसके बाद उन्होंने सराफा थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई।
कैसे शुरू हुआ विवाद
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब बीजेपी नेता एकलव्य गौड़ ने शीतला माता मंदिर बाजार से मुस्लिम कर्मचारियों को हटाने और किराए की दुकानें खाली कराने का बयान दिया था। इस बयान के बाद कुछ दुकानदारों ने मुस्लिम कर्मचारियों को काम से हटाना शुरू कर दिया।
विरोध और चूड़ी फेंकने की घटना
इसी मामले में दिग्विजय सिंह बाजार पहुंचे तो उन्हें स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ियों पर चूड़ियां फेंकी और “जिहादी मानसिकता का समर्थन करना बंद करो” जैसे नारे लगाए। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने उन्हें मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया।
दिग्विजय सिंह का अल्टीमेटम
दिग्विजय सिंह ने इस पूरी घटना पर सरकार और प्रशासन को 5 अक्टूबर तक FIR दर्ज करने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे कोर्ट का रुख करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह विवाद ‘बनाया गया है’ और धर्म के आधार पर रोजगार रोकना संविधान और धर्म दोनों के विरुद्ध है। सिंह ने पुलिस पर स्थानीय लोगों पर दबाव बनाकर विरोध कराने का भी आरोप लगाया, लेकिन साफ किया कि वे इस तरह के विरोध से डरने वाले नहीं हैं।