NCRB की 2023 रिपोर्ट में देश में कुल 62 लाख से अधिक अपराध दर्ज,
महिलाओं और बच्चों पर अपराध में वृद्धि, चरमपंथ और आतंकवाद में कमी, मणिपुर और असम में हिंसक घटनाओं की तस्वीर।
नई दिल्ली। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) ने मंगलवार को वर्ष 2023 की रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में एक तरफ देशभर में दर्ज कुल अपराधों में बढ़ोतरी का जिक्र है, वहीं दूसरी ओर चरमपंथ और आतंकी घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
- कुल अपराध: 62 लाख से अधिक मामले दर्ज
- साल 2023 में पूरे देश में 62,41,569 अपराध दर्ज हुए।
- यह आंकड़ा 2022 की तुलना में 7.2% अधिक है।
महिलाओं और बच्चों पर अपराधों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई।
महिलाओं पर अपराध
कुल 4,48,000 से अधिक मामले दर्ज हुए, जो पिछले 10 साल का उच्चतम स्तर है।
दुष्कर्म: राजस्थान में सबसे ज्यादा 5,078 मामले।
हत्या: उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 3,206 मामले।
अपहरण: उत्तर प्रदेश (16,663) और बिहार (14,371) शीर्ष पर।
बच्चों पर अपराध
2022 में 1.62 लाख मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2023 में यह बढ़कर 1.77 लाख हो गए (9.2% वृद्धि)।
अकेले मध्य प्रदेश में 22,393 मामले, जो देश में सबसे ज्यादा हैं।
चरमपंथ और आतंकवाद: 63% की गिरावट
2022 में ऐसे 446 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2023 में यह घटकर 163 रह गए।
आतंकी घटनाएँ: 2022 में 126, 2023 में केवल 15।
पूर्वोत्तर उग्रवाद: 61% की कमी।
वामपंथी चरमपंथ: 44% की गिरावट।
हालांकि, आत्मसमर्पण (surrender) की संख्या भी कम हुई—2022 में 417, जबकि 2023 में 318।
हथियार लूटने की घटनाओं में उछाल
2022 में 36 हथियार और 96 कारतूस लूटे गए थे।
2023 में यह बढ़कर 706 हथियार और 19,946 कारतूस तक पहुँच गया।
मणिपुर: हिंसक अपराधों का गढ़
2022 में यहाँ 631 घटनाएँ दर्ज हुई थीं।
2023 में यह आंकड़ा बढ़कर 14,427 तक पहुँच गया।
मई 2023 में इम्फाल घाटी और आसपास के इलाकों में मेइती और कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष के चलते स्थिति बेहद गंभीर हो गई।
अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ अपराधों में भी मणिपुर सबसे ऊपर रहा।
असम और जम्मू-कश्मीर की तस्वीर
मणिपुर के बाद असम दूसरे नंबर पर रहा, जहाँ 11,552 हिंसक अपराध दर्ज हुए।
वहीं, जम्मू-कश्मीर में हालात बेहतर हुए। 2021 से 2023 के बीच यहाँ चरमपंथ और आतंकी घटनाओं में 2,080 मामलों की कमी दर्ज की गई।