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वांगचुक पर NSA लगा लेकिन ‘3 IDIOTS’ के हीरो की क्या है असल कहानी

'3 IDIOTS' के हीरो की क्या है असल कहानी

लद्दाख आंदोलन के नेता और 3 Idiots के ‘रैंचो’ की प्रेरणा सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी ने सबको चौंकाया।

जानें उनकी शिक्षा, SECMOL, आइस स्तूप और सामाजिक योगदान की असली कहानी।

 

लद्दाख आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सोशल ऐक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार कर लिया है। लेह में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद से ही उनकी गिरफ्तारी की आशंका जताई जा रही थी गिरफ्तारी से पहले उनके संगठन SECMOL का FCRA लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया। इसके अलावा भी वांगचुक का एक परिचय है ।

लद्दाख की कठिन जलवायु और चुनौतियों के बीच एक ऐसा नाम उभरा जिसने न सिर्फ क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था बदली बल्कि जल संकट जैसे गंभीर मुद्दे का समाधान भी खोजा – यह नाम है सोनम वांगचुक।

सोनम वांगचुक – शिक्षा और नवाचार के प्रतीक

1 सितंबर 1966 को लेह ज़िले के अलची गाँव के पास उलेटोकपो में जन्मे सोनम वांगचुक के पिता, सोनम वांग्याल, एक जाने-माने राजनेता थे और जम्मू–कश्मीर सरकार में मंत्री भी रहे। बचपन से ही वांगचुक का झुकाव समाज सेवा और समस्याओं के समाधान की ओर रहा।

उन्होंने वर्ष 1987 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), श्रीनगर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। शिक्षा के प्रति गहरी समझ और नई तकनीकों के प्रति रुचि ने उन्हें वर्ष 2011 में फ्रांस के Crater School of Architecture तक पहुँचाया, जहाँ उन्होंने अर्थन आर्किटेक्चर में उच्च अध्ययन किया।

समाज और शिक्षा में योगदान

1988 में, वांगचुक ने अन्य युवाओं के साथ मिलकर स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) की स्थापना की। इसका उद्देश्य था लद्दाख की शिक्षा व्यवस्था को स्थानीय ज़रूरतों के अनुरूप बनाना।

1994 में उन्होंने ऑपरेशन न्यू होप की शुरुआत की, जिसके तहत सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए सरकार, ग्राम समुदाय और नागरिकों को एक साथ जोड़ा गया।

नवाचार – आइस स्तूप

लद्दाख में पानी की कमी एक बड़ी समस्या रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए वांगचुक ने आइस स्तूप तकनीक विकसित की – शंकु आकार की बर्फ संरचना, जो सर्दियों में पानी को जमा करती है और गर्मियों में धीरे-धीरे छोड़ती है। इस नवाचार ने किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना पाई।

सम्मान और पहचान

सोनम वांगचुक को शिक्षा, पर्यावरण और सामुदायिक विकास में उनके योगदान के लिए प्रतिष्ठित रमन मैग्सेसे पुरस्कार सहित कई सम्मान प्राप्त हुए हैं।

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