रावण के 240 फुट, मेघनाद और कुंभकर्ण 190 फुट के पुतले पर रोक।
रामलीला समिति द्वारा पुतले एक महीने से तैयार किए जा रहे थे।

दशहरा का त्योहार करीब आ गया है। राम मंदिर के निर्माण के बाद से अयोध्या में दशहरा और दीपावली पर दुनिया की नजर हैं। इस बार दशहरा उत्सव के दौरान सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है।
अयोध्या पुलिस ने रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलाने पर रोक लगा दी है। जानकारी के अनुसार, रावण का पुतला 240 फुट ऊंचा और मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतले 190 फुट के थे। सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने इतने बड़े पुतले जलाने से रोक लगाई है।
पुतला दहन कार्यक्रम पर रोक
इस कार्यक्रम का आयोजन फिल्म कलाकार रामलीला समिति ने किया था। दशहरा पर इतने बड़े पुतले जलाने के लिए पुतले अयोध्या के राम कथा पार्क में एक महीने से तैयार किए जा रहे थे। पुलिस ने बताया कि सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए यह रोक लगाई गई है। गश्त के दौरान जब पुतलों का निर्माण देखा गया, तो प्रशासन ने कार्रवाई की।
फिल्म कलाकार रामलीला समिति के संस्थापक अध्यक्ष सुभाष मलिक ने बताया कि, मध्य प्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों के कारीगरों ने रावण और अन्य पुतलों का निर्माण पूरा कर लिया था। लेकिन दहन से तीन दिन पहले ही इस पर रोक लगा दी गई।
पुलिस ने कहा कि “दशहरा और दुर्गा पूजा के त्योहारों की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी पंडालों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। आयोजकों और प्रशासन के बीच सुरक्षा संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रहा है, ताकि त्योहार सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से मनाया जा सके।”
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