Fact Check
Search

सोना-चांदी के भाव फिर रिकॉर्ड पर, 10 ग्राम सोना ₹1.15 लाख पार, चांदी ₹1.44/किलो – क्या आगे और बढ़ेंगे दाम ?

सोना-चांदी के भाव फिर रिकॉर्ड पर, 10 ग्राम सोना ₹1.15 लाख पार, चांदी ₹1.44/किलो – क्या आगे और बढ़ेंगे दाम ?

नई दिल्ली : कीमती धातुओं के बाजार में सोमवार 29 सितंबर को नया हाई देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 24 कैरेट 10 ग्राम सोने का भाव 1,15,292 हो गया है और चांदी का भाव ₹1,44,100 प्रति किलोग्राम छू गया। यह इस साल की अब तक की सबसे बड़ी छलांग है।

 

सबसे बड़ी बात तो ये है कि 1 जनवरी 2025 से अब तक सोना करीब ₹38, 709 (लगभग 50.5%) महंगा हुआ है, वहीं चांदी में तेजी करीब 58,045 (लगभग 67.5%) रही। इस तेज बढ़ोतरी ने निवेशकों और खरीदारों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।

क्या कह रहे हैं बड़े बैंक और विश्लेषक ?

गोल्डमैन सैक्स जैसी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं ने भी सोने के रुझान पर अनुमान दिए हैं। गोल्डमैन ने कहा है कि अगर वैश्विक अनिश्चितता बरकरार रही तो सोना अगले साल तक करीब ₹1,55,000 प्रति 10 ग्राम के बराबर तक जा सकता है। कुछ ब्रोकरेज और विश्लेषक इस साल के अंत तक सोने के ₹1.40 – 1.55 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की बात कर रहे हैं।

कीमतों के तेज़ होने के पांच बड़े कारण

1. बड़े बैंकों की खरीदारी: दुनिया भर के कई केंद्रीय बैंकों ने रिज़र्व में सोने का हिस्सा बढ़ाया है, जिससे सोने की मांग बढ़ी है।

2. कमज़ोर डॉलर व नीति अनिश्चितता: डॉलर में कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय नीतियों में अस्पष्टता निवेशकों को सुरक्षित निवेश जैसे सोने की और धकेल रही है।

3. भू-राजनीतिक तनाव: मध्य पूर्व और अन्य जगहों की घटनाओं ने अस्थिरता बढ़ाई, ऐसे समय में लोग सोना खरीदते हैं।

4. डी-डॉलराइजेशन प्रवृत्ति: कुछ देशों की डॉलर पर निर्भरता घटाने की नीति की वजह से सोने की मांग और बढ़ी है।

 

निवेशक और बाजार का रिएक्शन

 

भारत में त्योहारों के सीजन और शादियों के बीच परंपरागत खरीदारी जारी है, लेकिन निवेशक अब सिर्फ गहने नहीं, डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF में निवेश कर रहे हैं। 2024 में घरेलू सोने की कुल खपत और निवेश मांग दोनों में उछाल देखा गया था और 2025 में यह तेज हुई है। वैश्विक लेवल पर भी गोल्ड ETF में धन प्रवाह बढ़ा है।

 

 

जनता के लिए क्या मतलब है?

त्योहार और शादी के सीजन में जेवर खरीदने वालों के लिए यह बढ़त महंगी साबित हो सकती है। वहीं निवेशक निवेश योजनाएं सोच रहे हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश का निर्णय जोखिम क्षमता, लक्ष्य और समयावधि के अनुसार लें; छोटे मात्रा में SIP जैसे तरीके और गोल्ड ETF विकल्प सोचे जा सकते हैं।

त्योहारों में तुरंत ग्लो पाएं! ये 10 आसान टिप्स बदल देंगे आपका चेहरा

 

admin

Hi I am admin

Leave a Comment

Your email address will not be published.