भारत में हर चौथी मौत हार्ट अटैक से होती है। जानें हृदय रोग के कारण, लक्षण और बचाव के 5 सरल उपाय। World Heart Day 2025 का संदेश – “Don’t Miss a Beat”.
भारत में दिल की बीमारी — एक बड़ी समस्या
दुनिया भर में हर साल लगभग 17.9 मिलियन लोग हृदय संबंधी रोगों की वजह से मरते हैं। भारत में यह समस्या और भी तीव्र है। भारत में गैर-संक्रामक रोगों (non-communicable diseases) से 63% मौतें होती हैं, और उनमें से करीब 27% मौतें हृदय रोगों से ही होती हैं। अनुमान है कि भारत में इस समय लगभग 5.45 करोड़ लोग हृदय रोगों या स्ट्रोक जैसी बीमारियों से प्रभावित हैं और यह संख्या 1990 की तुलना में लगभग दोगुनी हो चुकी है। दिल की बीमारी, जो पहले बुजुर्गों में अधिक देखी जाती थी, अब युवा वर्ग में भी तेजी से बढ़ रही है।
दिल की बीमारी: कारण और जोखिम कारक
हृदय संबंधी बीमारियों (cardiovascular diseases) में कोरोनरी हृदय रोग (coronary artery disease), स्ट्रोक, उच्च रक्तचाप (hypertension), धमनी क्लॉट, हृदय दुर्बलता (heart failure) आदि शामिल हैं।
मुख्य जोखिम कारक:
उच्च रक्तचाप (Hypertension): बहुत से लोग इसे जानबूझकर या अनजाने में अनदेखा करते हैं। भारत में, 25% से अधिक वयस्कों को उच्च रक्तचाप की समस्या है।
मधुमेह (Diabetes) और ग्लूकोज़ की असामान्यता: बढ़ती शुगर समस्या और इंसुलिन प्रतिरोध, हृदय की धमनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
उच्च रक्त लिपिड्स / असंतुलित कोलेस्ट्रॉल (Dyslipidemia): कम HDL, अधिक ट्राइग्लिसराइड्स और LDL का “खराब” रूप इसके मुख्य खतरे हैं।
मोटापा एवं जांघ/कमर मोटापा (Obesity / Abdominal Obesity): विशेषकर पेट के आसपास जमा वसा हृदय रोग का जोखिम बढ़ाती है।
जीवनशैली: धूम्रपान, शराब, तनाव और अस्वास्थ्यकर खाने-पीने की आदतें मिलकर जोखिम बढ़ा देते हैं।
आनुवंशिकी : यदि आपके परिवार में किसी को हृदय रोग है, तो सावधानी और भी ज़रूरी है।

संकेत — दिल कहता है, सुनो
दिल हमेशा हमें संकेत देता है। हमें उन्हें अनदेखा नहीं करना चाहिए। कुछ ऐसे लक्षण हैं जो “Don’t Miss a Beat” (रिदम न खोने दो) विषय को याद दिलाते हैं:
– सीने में दबाव या भारीपन
– अचानक थकावट, सांस फूलना
– दिल की धड़कन तेज होना या अनियमित होना
– चक्कर आना या अचानक बेहोशी
– पैरों या टखनों में सूजन
– लंबे समय तक खांसी
युवा वर्ग में ये संकेत कभी-कभी हल्के होते हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
कैसे रखें दिल को स्वस्थ — 5 सरल उपाय
नियमित शारीरिक सक्रियता: प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट तेज चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना दिल के लिए वरदान है।
स्वस्थ आहार: फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज, कम वसा वाले प्रोटीन स्रोत, ओमेगा-3 फैटी एसिड को शामिल करें। नमक और शक्कर की मात्रा सीमित रखें। भारत में औसत नमक का सेवन WHO के सुझाव से दोगुना है। इस पर ध्यान देना ज़रूरी है।
नियमित स्वास्थ्य जाँच: रक्तचाप, शुगर, और कोलेस्ट्रॉल की समय-समय पर जांच करवाएं क्योंकि “पहचान से ही बचाव शुरू हो सकता है”।
तनाव प्रबंधन: योग, ध्यान और पर्याप्त नींद तनाव को कम करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
धूम्रपान और शराब से दूरी: अगर आप इन आदतों में हैं, तो इन्हें छोड़ना आज का सबसे बेहतर कदम होगा।
World Heart Day का संदेश — “Don’t Miss a Beat / रिदम न खोना”
इस साल का विषय “Don’t Miss a Beat” (रिदम न छोड़ो) है, यानी हृदय की हर धड़कन की कदर करो। यह चेतावनी देती है कि हम संकेतों को अनदेखा न करें, नियमित स्वास्थ्य जाँच करें और समय रहते कार्रवाई करें। समाज के स्तर पर भी, हमें स्वास्थ्य नीतियों, सार्वजनिक जागरूकता अभियानों और बेहतर हृदय देखभाल सुविधाओं को बढ़ावा देना चाहिए।
एक छोटी शुरुआत, बड़ा फर्क
इस विश्व हृदय दिवस पर बस एक कदम उठाइए:
– किसी प्रियजन को दिल की जांच की सलाह दें।
– अपने दिन का कम-से-कम 10 मिनट शारीरिक गतिविधि के लिए निकालें।
– नमक कम करें, और तली-भुनी चीज़ों से दूरी बनाएं।
– तनाव कम करने वाली क्रियाएँ अपनाएँ।