संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत पर भड़काऊ आरोप लगाए
भारत ने राइट टू रिप्लाई में करारा जवाब देते हुए आतंकवाद और पहलगाम हमले का मुद्दा उठाया।
पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ उगला जहर, ट्रंप को बताया मसीहा – भारत ने दिया करारा जवाब, पढ़ें पूरी रिपोर्ट
दुनिया भर में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला पाकिस्तान ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के खिलाफ जहर उगला है । प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनजीए) की 80वीं सभा में भाषण देते हुए कश्मीर का मुद्दा उठाया और भारत को लेकर भड़काऊ आरोप लगाए। वहीं उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ की और उन्हें शांति का मसीहा बताते हुए नोबेल पुरस्कार देने की मांग तक कर डाली।
अपनी सेना की झूठी शेखी बघारी
शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में पाकिस्तान की सेना को महान बताते हुए दावा किया कि इस साल हुए भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तान एयरफोर्स ने भारत के सात लड़ाकू विमानों को मार गिराया। उन्होंने कहा – “हमारे फ़ाल्कन (शाहीन) ने 7 भारतीय जेट्स को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से भारत को पीछे हटना पड़ा।”
ट्रंप को बताया शांति का पुजारी
शहबाज शरीफ ने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराने के लिए ट्रंप को धन्यवाद। उन्होंने कहा कि अगर ट्रंप ने दखल न दिया होता तो दोनों देशों के बीच बड़ा युद्ध हो सकता था। पाकिस्तान पीएम ने ट्रंप को शांति का पुजारी बताते हुए कहा कि उनकी सरकार ने उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया है। इस दौरान शरीफ ने फील्ड मार्शल असीम मुनीर की भी जमकर तारीफ की ।
भारत ने दिया करारा जवाब
पाकिस्तान के झूठे दावों और भारत-विरोधी बयानों पर भारत ने भी संयुक्त राष्ट्र में कड़ा जवाब दिया। भारत की राजनयिक पटेल गहलोत ने कहा –
“आज सुबह इस सभा ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की ओर से बेतुके नाटक देखे, जिन्होंने एक बार फिर आतंकवाद को महिमामंडित किया। मगर कोई भी ड्रामा और कोई भी झूठ तथ्यों को छिपा नहीं सकता।”
पहलगाम हमले का मुद्दा उठाया
राइट टू रिप्लाई के तहत जवाब देते हुए भारत ने पाकिस्तान से आतंकवाद पर सवाल दागे। पटेल गहलोत ने याद दिलाया कि यह वही पाकिस्तान है जिसने 25 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए पर्यटकों पर आतंकी हमले की जिम्मेदारी से पाकिस्तानी आतंकी संगठन रेजिस्टेंस फ्रंट को बचाने की कोशिश की थी।