Search

क्या लद्दाख हिंसा में किसी विदेशी ताकत का हाथ था ? सरकार ने वांगचुक पर लगाया आरोप 

लद्दाख हिंसा में किसी विदेशी ताकत का हाथ था ?

लद्दाख हिंसा: 50 से अधिक गिरफ्तार, उच्च स्तरीय जांच जारी।

उपराज्यपाल ने कहा, वांगचुक के बयानों ने भड़काई हिंसा

लेह में प्रदर्शन हिंसक हुआ: चार मौतें, 80+ घायल

 

बुधवार को लेह में हुए प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया, जिसमें चार लोगों की मौत और 80 से अधिक लोग घायल हो गए। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया और प्रशासन को कर्फ्यू लगाने और इंटरनेट सेवाएँ बंद करने पर मजबूर कर दिया। उपराज्यपाल ने हिंसा के पीछे साजिश होने का आरोप लगाया है और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। केंद्र सरकार ने भी हिंसा भड़काने में सोनम वांगचुक के बयानों को जिम्मेदार ठहराया है। यह विवाद प्रदर्शन के शांतिपूर्ण अधिकार और लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने व छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग से जुड़ा हुआ है।

Leh Ladakh Violence,लेह-लद्दाख की हिंसा अचानक नहीं भड़की, प्लानिंग के साथ  की गई थी साजिश, अफसरों ने बताया कैसे - leh ladakh violence planned not  spontaneous blame on sonam wangchuk ...

उपराज्यपाल का आरोप

लद्दाख के उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रदर्शन का अधिकार है, पर वह शांति से होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो दिनों से प्रदर्शन के बहाने लोगों को भड़काया जा रहा था और नेपाल व बांग्लादेश के प्रदर्शन के तर्ज पर हिंसा करवाने की साजिश की गई। उन्होंने कहा कि सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों और सेना के जवानों पर जानलेवा हमला किया गया और अनेक वाहनों में आग लगा दी गई । इससे स्पष्ट होता है कि इन घटनाओं के पीछे साजिश है। उपराज्यपाल ने कहा कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

केंद्र सरकार का कड़ा रुख

केंद्र सरकार ने वांगचुक पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बयानों ने लेह में हिंसा भड़काई है । गृह मंत्रालय ने बताया कि लद्दाख के विभिन्न समूहों के प्रतिनिधियों से संवाद में प्रगति हुई थी, पर राजनीति से प्रेरित कुछ लोग इससे खुश नहीं थे। मंत्रालय ने यह भी कहा कि वांगचुक के बयान — जिनमें अरब स्प्रिंग और नेपाल में Gen Z के प्रदर्शनों का उल्लेख था — भड़काऊ रहे और लोगों को गुमराह किया।

जाने क्या हुआ था ?

लेह में पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की माँग को लेकर किया गया प्रदर्शन हिंसक हो गया था । सोनम वांगचुक पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे और उनके आह्वान पर हजारों छात्र इस आंदोलन में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान वांगचुक के साथ बैठी दो महिलाओं की तबियत बिगड़ गई, जिन्हें पुलिस ने अस्पताल पहुँचाया। इसके बाद कुछ छात्रों ने पुलिस और सुरक्षा बलों पर पथराव कर दिया। भीड़ ने सीआरपीएफ की गाड़ियों पर हमला किया और भाजपा कार्यालय में आगजनी की। हालात गंभीर होते देख प्रशासन ने सेना को तैनात किया गया है।

सोनम वांगचुक ने कहा — “यह Gen Z की क्रांति है”

वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ते हुए कहा था कि लेह-लद्दाख के युवा पाँच साल से बेरोज़गार हैं और आज का दिन दुखद है। उन्होंने कहा, “हम हिंसा नहीं चाहते थे, हमने शांति का रास्ता अपनाया हुआ था।” प्रदर्शनकारियों से अपील करते हुए वांगचुक ने कहा कि “बेवकूफी बंद करो” उन्होंने आगजनी, पथराव और गोलियों जैसी घटनाओं से अपने मकसद को नुकसान पहुँचने की बात कही और हिंसा देख अपना अनशन तोड़ने का निर्णय लिया।

गिरफ्तारी और जांच जारी

बुधवार को हुई हिंसा के सिलसिले में अब तक लगभग 50 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें कांग्रेस के काउंसलर फुंटसोग स्टैंजिन त्सेपाग भी शामिल हैं। उपराज्यपाल ने पुलिस को कड़े निर्देश दिए हैं कि हिंसा में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। गिरफ्तारी की प्रक्रिया अभी जारी है।

admin

Hi I am admin

Leave a Comment

Your email address will not be published.