बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को सह-प्रभारी नियुक्त किया।
अमित शाह की बैठकों से कार्यकर्ताओं में जोश, पर कई विधायकों की टिकट पर संकट।
बिहार चुनाव में केशव प्रसाद मौर्य को बड़ी जिम्मेदारी
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। पार्टी ने यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को सह-प्रभारी बनाया है। मौर्य को यह जिम्मेदारी इसलिए दी गई है क्योंकि वह पिछड़े वर्ग की राजनीति और चुनावी रणनीति में माहिर माने जाते हैं। यूपी में उनके नेतृत्व में 2017 का विधानसभा चुनाव बीजेपी ने ऐतिहासिक रूप से जीता था। अब पार्टी चाहती है कि वही ‘यूपी मॉडल’ बिहार में भी दोहराया जाए।
मौर्य का बढ़ता कद
मौर्य संगठन से लेकर सरकार तक लंबे अनुभव वाले नेता हैं। पार्टी ने उन्हें कई राज्यों में पहले भी चुनावों की जिम्मेदारी दी है। माना जा रहा है कि बिहार चुनाव से उनका कद राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत होगा, जिससे यूपी चुनाव 2027 में भी फायदा मिलेगा।
अमित शाह की बैठकों से तेज हुई तैयारी
बिहार चुनाव को लेकर बीजेपी ने 24 से 25 सितंबर तक जिलावार कोर कमेटी बैठकें कीं। इनमें हर विधानसभा सीट से कई दावेदारों के नाम सामने आए। सूत्रों के मुताबिक, लगभग 15 से 18 मौजूदा विधायकों पर टिकट कटने का खतरा भी है।अब पूरी कमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने हाथ में ली है।शाह 26 और 27 सितंबर को बिहार दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे बेतिया, डेहरी ऑन सोन और बेगूसराय में बैठकें और बड़ी जनसभाएं करेंगे। शाह का उद्देश्य कार्यकर्ताओं में जोश भरना और जीत की रणनीति पक्की करना है।
चुनाव की तैयारी तेज
बीजेपी का लक्ष्य है, कि बिहार में फिर से एनडीए सरकार बने। खुद केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा “बिहार में विकास के लिए कमल फिर खिलेगा, और एनडीए सरकार बनेगी।”
हालांकि, चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है, कि चुनाव अक्टूबर-नवंबर में होंगे। बीजेपी ने अभी से ही अपने रथ को तेज कर दिया है।
