उत्तर प्रदेश में योगी राज – जातिवाद की पहचान पर कसा शिकंजा
हाई कोर्ट का आदेश के बाद सरकार का एक्शन, सोशल मीडिया से लेकर पुलिस रिकॉर्ड तक जाति का जिक्र बैन कर दिया गया है।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाया है। सरकार ने आदेश जारी कर बताया कि अब किसी भी गाड़ी पर जाति का स्टीकर नहीं लगाया जा सकेगा। गांव-मोहल्लों में जाति वाले बोर्ड हटाए जाएंगे और राजनीतिक दल, जाति आधारित रैलियां या सभाएं नहीं कर पाएंगे।
पूरा मामला :
यह मामला प्रवीण छेत्री से जुड़ा है, जिसे 2023 में अवैध शराब तस्करी के आरोप में पकड़ा गया था। उसने केस रद्द करने की अर्जी दी, लेकिन सुनवाई के दौरान जस्टिस विनोद दिवाकर ने पाया कि पुलिस FIR और केस मेमो में आरोपियों की जाति ,जैसे ‘माली’, ‘ठाकुर’, ‘ब्राह्मण’, ‘पहाड़ी राजपूत’ दर्ज कर रही है। कोर्ट ने इसे ‘ कानूनी भ्रांति’ बताते हुए कहा कि पहचान के लिए आधार, कैमरा और फिंगरप्रिंट मौजूद हैं, जाति लिखने की ज़रूरत नहीं।
जस्टिस दिवाकर ने कहा कि “जातिवाद, धर्मनिरपेक्षता और अखंडता के लिए खतरा है और इसे बढ़ावा देना राष्ट्रविरोधी है। उन्होंने आंबेडकर, ज्योतिबा-फुले, राजा राममोहन राय जैसे समाज सुधारकों का हवाला दिया। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि पुलिस रिकॉर्ड, गाड़ियों, गांवों और सोशल मीडिया पर जाति दिखाने की प्रथा खत्म की जाए।”
यह फैसला इलाहाबाद हाई कोर्ट के हालिया आदेश के बाद लिया गया है। कोर्ट ने कहा था कि पुलिस रिकॉर्ड में आरोपी की जाति लिखना ‘कानूनी भ्रांति’ है और इससे समाज में जातिगत भेदभाव को बढ़ावा मिलता है। कोर्ट ने साफ कहा था कि जब पहचान के लिए आधार, मोबाइल कैमरा और फिंगरप्रिंट जैसी तकनीक मौजूद है, तो जाति लिखने की ज़रूरत नहीं है।
अब क्या-क्या बदलेगा?
• पुलिस रिकॉर्ड जैसे FIR, अरेस्ट मेमो और रिकवरी मेमो में जाति नहीं लिखी जाएगी।
• आरोपी के पिता के साथ-साथ मां का नाम भी दर्ज होगा।
• CCTNS पोर्टल से जाति का कॉलम हटा दिया जाएगा।
• गाड़ियों पर जाति का स्टीकर या नारा लगाना अपराध माना जाएगा और चालान होगा।
• गांव-मोहल्लों से जाति वाले बोर्ड हटाए जाएंगे।
• जाति के नाम पर राजनीतिक रैलियों और सोशल मीडिया पोस्ट पर रोक होगी।
• यह आदेश तुरंत लागू कर दिया गया है। हालांकि, SC/ST ऐक्ट वाले मामलों में जाति का जिक्र जारी रहेगा।
इस फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ स्टीकर या बोर्ड हटाने से जातिगत भेदभाव खत्म नहीं होगा। उन्होंने पूछा – “मन और समाज में जमी जातिवादी सोच को मिटाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?”
यूट्यूबर सौरभ जोशी को जान से मारने की धमकी, ‘ भाऊ गैंग ‘ ने फिरौती में मांगे 5 करोड़