रानी मुखर्जी की शानदार वापसी, विक्रांत मैसी का डबल धमाल और 12th Fail बनी बेस्ट फीचर
71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में शाहरुख की पहली बड़ी जीत! – 33 साल बाद मिला बेस्ट एक्टर अवॉर्ड
देश की फिल्म इंडस्ट्री के लिए यह दिन गौरव का है। 71वाँ राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह (71st National Film Awards) मंगलवार, 23 सितंबर को आयोजित हो रहा है । दिल्ली के विज्ञान भवन में शाम 4 बजे से यह आयोजन होने जा रहा है, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुरस्कार प्रदान करेंगी। यह पुरस्कार यह सम्मान उन फिल्मों और कलाकारों को मिलेगा जो 2023 में रिलीज़ हुई फिल्मों के लिए चुने गए हैं यानी यह ज़रा-सा देरी से हो रहा समारोह, लेकिन उत्साह उतना ही ज़बरदस्त है।
इस साल की कुछ बड़ी जीतें बड़े नामों के नाम हुई हैं
बेस्ट फीचर फिल्म का खिताब 12th Fail ने जीता है, जिसने दर्शकों व आलोचकों दोनों का दिल जीता। बेस्ट अभिनेता का पुरस्कार इस साल शाहरुख खान को मिला “जवान” के लिए और यह उनके करियर में पहला राष्ट्रीय पुरस्कार है। साथ ही विक्रांत मैसी को भी 12th Fail के लिए साथ-साथ यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला।


बेस्ट अभिनेत्री का पुरस्कार रानी मुखर्जी को “Mrs Chatterjee vs Norway” फिल्म के लिए मिला, और यह उनकी शानदार वापसी की तरह माना जा रहा है।

अगर आप इस समारोह को लाइव देखना चाहेंगे, तो YouTube पर DD News चैनल के माध्यम से इसका प्रसारण किया जाएगा। रेड कार्पेट की झलकियाँ 3 बजे से शुरू होंगी, जिसमें विजेताओं और प्रसिद्ध हस्तियों का आगमन होगा। समारोह की शुरुआत पुरस्कार वितरण से होगी।
बड़ी खासियतें और कंट्रोवर्सी
इस साल के राष्ट्रीय पुरस्कारों की कुछ बातें ख़ास हैं:
शाहरुख खान ने Jawan फिल्म के लिए सैकड़ों फिल्मों के बाद अपनी पहली राष्ट्रीय (Best Actor) पुरस्कार प्राप्त किया है — 33 साल के संघर्ष के बाद।
क्षेत्रीय सिनेमा (Regional Cinema) की हिस्सेदारी भी बहुत मजबूत रही है — तमिल, कन्नड़, मलयालम, मराठी, पंजाबी, ओड़िया जैसी भाषाओं की फिल्में भी शीर्ष स्थानों पर रही हैं।
इस पुरस्कार समारोह में कुछ विवादास्पद निर्णय भी विवादों में रहे हैं— जैसे The Kerala Story को “Best Cinematography” देने पर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सरकार की आलोचना की है।
क्यों है यह समारोह महत्वपूर्ण?
1. सम्मान और मान्यता — यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा में मेहनत, कला और समय की कसौटी पर खरे उतरी फिल्मों और कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देता है।
2. संघर्ष की कहानी — शाहरुख जैसे बड़े सितारे जिन्होंने वर्षों काम किया, अब जब राष्ट्रीय सम्मान पा रहे हैं, तो यह अन्य कलाकारों के लिए प्रेरणा है।
3. भाषाई विविधता — भारत की विविधता फिल्मों में दिखती है; इस साल भाषाई विभिन्नता (Regional Films) को खूब सराहा गया है।