नीदरलैंड की राजधानी द हेग में प्रवासियों और शरणार्थियों के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
दुनिया इस समय प्रवासियों और शरणार्थियों के गंभीर संकट से जूझ रही है। पहले ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों के खिलाफ प्रदर्शन हुए, फिर इंग्लैंड में हिंसक घटनाएँ सामने आईं और अब नीदरलैंड में भी प्रवासी एवं शरणार्थियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
खबरों के मुताबिक, शनिवार को नीदरलैंड की प्रशासनिक राजधानी द हेग में बड़ी संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। बता दें कि नीदरलैंड में 29 अक्टूबर को आम चुनाव होने वाले हैं, और यह प्रदर्शन चुनावी माहौल पर सीधा असर डालते दिख रहे हैं।
दक्षिणपंथी संगठनों का प्रदर्शन
यह प्रदर्शन दक्षिणपंथी समूहों द्वारा आयोजित किए गए थे। डच मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने एक राजनीतिक दल के कार्यालय पर भी हमला किया। पार्टी के नेता रॉब जेटन ने सोशल मीडिया पर लिखा – “हम इन दंगाइयों को अपना खूबसूरत देश कभी छीनने नहीं देंगे।” प्रदर्शनकारी शरणार्थी नीतियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे थे।
नीदरलैंड और प्रवासी संकट
अन्य यूरोपीय देशों की तरह नीदरलैंड भी बड़ी संख्या में प्रवासियों और शरणार्थियों से प्रभावित है। आँकड़ों के मुताबिक, नीदरलैंड में शरणार्थियों की कुल संख्या का लगभग 45 प्रतिशत सीरिया से आए लोगों का है। इसके अलावा अफगानिस्तान, तुर्की और अन्य देशों से भी बड़ी संख्या में प्रवासी यहाँ पहुँचे हैं।
एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कई देशों में राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक मंदी और आंतरिक संघर्ष के कारण लोग अपने-अपने देशों से पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। बेहतर रोजगार, सुरक्षा और अच्छे भविष्य की तलाश में लोग अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरे देशों में प्रवास करने के लिए तैयार हैं।