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सावधान! ब्यूटी प्रोडक्ट्स में छुपे ये ज़हरीले केमिकल धीरे-धीरे कर सकते हैं आपको बीमार 

जानिए किन खतरनाक कैमिकल्स से आपकी स्किन और सेहत पर मंडरा रहा है खतरा।

रोज़ाना इस्तेमाल होने वाली क्रीम, लिपस्टिक और लोशन में छुपे हो सकते हैं ये खतरनाक केमिकल।

आजकल सुंदर दिखना हर किसी की चाहत होती है। मेकअप हो या स्किनकेयर, बाजार में तरह-तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स भरे पड़े हैं। टीवी, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर इनका प्रचार देखकर हम भी इन्हें खरीद लेते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन प्रोडक्ट्स में ऐसे रसायन (केमिकल्स) भी हो सकते हैं जो आपकी त्वचा और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हों?

आइए जानते हैं कि ब्यूटी प्रोडक्ट्स में कौन-कौन से हानिकारक केमिकल्स पाए जाते हैं, ये आपके शरीर को कैसे प्रभावित करते हैं और आप खुद को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।

ब्यूटी प्रोडक्ट्स में पाए जाने वाले खतरनाक कैमिकल

1. पैराबेन्स (Parabens)

ये ज़्यादातर क्रीम, लोशन और डिओडोरेंट्स में प्रोडक्ट को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए डाले जाते हैं। लेकिन शोध बताते हैं कि ये हार्मोनल बदलाव और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जुड़े हो सकते हैं।

2. फ्थेलेट्स (Phthalates)

ये रसायन लिपस्टिक, हेयरस्प्रे और परफ्यूम में मिलते हैं। जिसके लंबे समय तक इस्तेमाल से प्रजनन क्षमता (fertility) पर भी असर डाल सकते हैं।

3. एसएलएस/एसएलईएस (SLS/SLES)

फेसवॉश, शैंपू और बॉडीवॉश में झाग बनाने के लिए इसे मिलाया जाता हैं। यह त्वचा का प्राकृतिक तेल हटा देते हैं, जिससे रूखापन, खुजली और जलन हो सकती है।

4. फॉर्मल्डिहाइड (Formaldehyde)

कुछ हेयर स्ट्रेटनिंग प्रोडक्ट्स और नेल पॉलिश में मिलता है। यह त्वचा और सांस की नली को प्रभावित करता है और कैंसर पैदा करने वाला माना जाता है।

5. भारी धातुएँ (Lead, Mercury)

कई बार नकली या लोकल ब्रांड की काजल, क्रीम और लिपस्टिक में पाई जाती हैं। यह दिमाग, किडनी और त्वचा को नुकसान पहुँचा सकती हैं।

6. ट्राइक्लोसैन और कुछ यूवी फिल्टर्स (जैसे Oxybenzone)

सनस्क्रीन और एंटीबैक्टीरियल साबुन में पाए जाते हैं। इससे एलर्जी, हार्मोनल समस्या और त्वचा की संवेदनशीलता बढ़ सकती है।

त्वचा और स्वास्थ्य पर असर

तुरंत असर: खुजली, लाल चकत्ते, जलन, सूजन या पिंपल्स हो सकते है।

लंबे समय में असर: झुर्रियाँ, समय से पहले बुढ़ापा, दाग-धब्बे और त्वचा पतली होने लगती है।

गंभीर असर: हार्मोन असंतुलन, प्रजनन संबंधी समस्याएँ, यहाँ तक कि कैंसर का भी खतरा हो सकता है।

भारत में स्थिति

भारत में ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर नियंत्रण Drugs and Cosmetics Act, 1940 के तहत है रखा जाता है, लेकिन सख्ती उतनी नहीं है जितनी होनी चाहिए। बहुत से लोग लेबल पढ़े बिना प्रोडक्ट खरीद लेते हैं। नकली और लोकल ब्रांड्स में कैमिकल्स की मात्रा ज़्यादा पाई जाती है, जिससे नुकसान का खतरा और भी बढ़ जाता है।

खुद को कैसे बचाएँ?

1. लेबल पढ़ें – खरीदते समय सामग्री ज़रूर देखें। अगर पैराबेन, एसएलएस, फॉर्मेल्डिहाइड, सीसा, पारा लिखे हों तो सावधान हो जाएँ।

2. नेचुरल विकल्प चुनें – एलोवेरा, नारियल तेल,, हल्दी या पौधों से बने प्रोडक्ट्स ज्यादा सुरक्षित होते हैं।

3. पैच टेस्ट करें – कोई नया प्रोडक्ट सीधे चेहरे पर लगाने से पहले हाथ पर लगाकर देखें।

4. विश्वसनीय ब्रांड चुनें – नकली और बिना सर्टिफिकेशन वाले प्रोडक्ट्स से बचें।

5. कम से कम इस्तेमाल करें – ज़रूरत से ज़्यादा मेकअप या स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का उपयोग न करें।

6. विशेषज्ञ की सलाह लें – अगर त्वचा संवेदनशील है तो डॉक्टर या स्किन स्पेशलिस्ट से राय लें।

सुंदर दिखना सबको अच्छा लगता है, लेकिन सुंदरता के चक्कर में अपनी सेहत से समझौता करना ठीक नहीं। सभी केमिकल हानिकारक नहीं होते, लेकिन कुछ ऐसे ज़रूर हैं जिनसे बचना चाहिए। याद रखें, आपकी त्वचा आपकी ज़िम्मेदारी है। ब्यूटी प्रोडक्ट्स चुनते समय थोड़ी जागरूकता और सावधानी बरतकर आप अपनी स्किन को सुरक्षित और स्वस्थ रख सकते हैं।

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