अमेरिका में H-1B वीज़ा पर 100,000 डॉलर शुल्क लगाने के फैसले पर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और विपक्ष ने मोदी सरकार की विदेश नीति को कमजोर बताया।
अमेरिका में प्रवासी और वीजा नीतियों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और ऐसा फैसला लिया। अमेरिका ने H-1B वीज़ा नीति में बड़ा बदलाव किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कंपनियों पर नए नियम के तहत हर H-1B वीज़ा के लिए 100,000 डॉलर (लगभग 90 लाख रुपये) का वार्षिक शुल्क लगाने की घोषणा की है। इससे साफ है कि अब कंपनियां केवल ऐसे विदेशी विशेषज्ञ कर्मचारियों को ही प्राथमिकता देंगी, जिन्हें अमेरिकी कर्मचारियों से बदलना संभव न हो। इस फैसले से भारतीय IT कंपनियों के लिए वीज़ा हासिल करना महंगा और चुनौतीपूर्ण हो सकता है। भारतीय आईटी पेशेवरों के लिए इस वजह से समस्या बढ़ जाएगी।
आपको बता दे कि, ओवल ऑफिस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ट्रंप प्रशासन ने H-1B वीजा पर अपना रुख साफ किया। इस फैसले के बाद से कंपनियों में केवल एक्सपर्ट विदेशी कर्मचारियों को ही प्राथमिकता मिलेगी जिन्हें अमेरिका वर्कर्स आसानी से रिप्लेस ना कर सके।

इस फैसले के बाद से पक्ष विपक्ष से प्रतिक्रिया आ रही है विपक्ष सरकार को घेरते हुए नजर आ रहा है।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका द्वारा H-1B वीजा पर 100,000 का शुल्क लगाए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और दावा किया, कि भारत के पास ‘एक कमजोर प्रधानमंत्री’ है।
उन्होंने जुलाई, 2017 में ‘ x ‘ पर किए गए अपने एक पोस्ट को साझा करते हुए प्रधानमंत्री को निशाना पर लिया। उस पोस्ट में भी कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री मोदी पर “कमजोर प्रधानमंत्री” होने का आरोप लगाया था। उन्होंने फिर इस बात को दोहराते हुए कहा कि ” मैं इस बात को दोहराता हूं, भारत के पास एक कमजोर प्रधानमंत्री है।”
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने अमेरिका के कदम से निपटने के लिए केंद्र सरकार की तैयारी पर सवाल उठाया कहा
“उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ा इंफोसिस, सैमसंग और अन्य कंपनियां आई। यह पहली बार नहीं है। जब अमेरिका ने इस तरह का व्यवहार किया है। हमारी विदेश नीति कमजोर है। अगर अन्य देश भी ऐसा ही करते तो हमारी तैयारी क्या है?”
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एएनआई से बात करते हुए अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहां “मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं और उन्हें सद्बुद्धि मिलने का इंतजार करता हूं। आगे उन्होंने यह भी कहा, कि मेरा मानना है, कि इन कंपनियों को भविष्य में काफी संघर्ष करना पड़ेगा।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने H-1B वीजा पर कहा कि “भारतीय राष्ट्रीय हित सर्वोच्च है। गले मिलना, खोखले नारे लगाना, संगीत कार्यक्रम आयोजित करना और लोगों से मोदी – मोदी’ के नारे लगवाना विदेश नीति नहीं है। “