राहुल गांधी की ‘वोट चोरी’ प्रेस कॉन्फ्रेंस से विवाद, प्रयागराज के शख्स का नंबर हुआ सार्वजनिक
प्रयागराज के अंजनी मिश्र ने आरोप लगाया कि राहुल ने उनका मोबाइल नंबर स्क्रीन पर दिखाया
अब उन्हें लगातार अंजान कॉल्स आ रहे हैं।
प्रयागराज: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इन दिनों कथित तौर पर ‘वोट चोरी’ को लेकर सुर्खियों में हैं। इसी बीच प्रयागराज के एक शख्स ने राहुल गांधी द्वारा की गई गड़बड़ी पर नाराज़गी जताई है जिसकी वजह से वो परेशान हो रहा है।
दरअसल 18 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी सार्वजनिक रूप से कर्नाटक और महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट दिखा रहे थे। उसी समय उन्होंने कुछ मोबाइल नंबर भी दिखाए और दावा किया कि इन्हीं नंबरों का इस्तेमाल करके वोट डिलीट किए जा रहे हैं।
इसी दौरान राहुल गांधी ने स्क्रीन पर जो नंबर साझा किया, उसमें से एक नंबर प्रयागराज के एक शख्स का निकला। उस शख्स का कहना है कि अब उन्हें लगातार कॉल आ रहे हैं, जिसकी वजह से उन्हें काफी परेशानी हो रही है।
आपको बता दें कि इस शख्स का नाम अंजनी मिश्र है। वे प्रयागराज के मेजा क्षेत्र के निवासी हैं। मुंबई तक की रिपोर्ट के मुताबिक,
अंजनी मिश्र ने बताया—“राहुल गांधी ने मेरा मोबाइल नंबर उन लोगों की सूची में शामिल कर स्क्रीन पर दिखाया, जिन्होंने वोट हटवाने के लिए आवेदन किया था। लेकिन मैंने ऐसा कोई आवेदन नहीं किया है। मैं यह नंबर पिछले 15 साल से इस्तेमाल कर रहा हूं। राहुल गांधी ने जबसे मेरा नंबर सार्वजनिक किया है, तबसे मुझे अंजान नंबरों से लगातार फोन आ रहे हैं।”
आगे उन्होंने कहा—“मेरा महाराष्ट्र आना-जाना कभी हुआ ही नहीं, तो मेरी वोटर आईडी महाराष्ट्र में बनाई या हटाई ही नहीं जा सकती। यह पूरी तरह झूठा आरोप है।”
दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने वोट चोरी के आरोप लगाए थे । उन्होंने चुनाव आयोग और अन्य संस्थाओं पर ‘वोट चोरी’ में मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि इसमें कई राज्यों के मतदाताओं को निशाना बनाया गया है।
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि “मुख्य चुनाव आयुक्त वोट चोरी और भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने वाले लोगों को बचा रहे हैं।” हालांकि, बाद में चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के सभी आरोपों को गलत और निराधार बताकर खारिज कर दिया था।