राहुल गांधी के वोट चोरी आरोप पर सियासी घमासान।
भाजपा ने कहा ‘मजाक और पाकिस्तानी नैरेटिव
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के “वोट चोरी” वाले बयान ने भारतीय राजनीति में नई बहस और तीखी जंग छेड़ दी है। उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद न सिर्फ भाजपा नेताओं ने उन पर हमले बोले बल्कि कांग्रेस के दिग्गज नेता भी खुलकर उनके समर्थन में सामने आए। नतीजा यह हुआ कि राजनीतिक दलों में इस मुद्दे को लेकर जबरदस्त हलचल मच गई है।
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर वोट चोरी के उनके नए आरोप “एक बड़ा मजाक” हैं। एनएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा—”राहुल गांधी ने साबित कर दिया कि वह एक जोकर हैं। उनके आरोप झूठे और बचकाने हैं, जिनका कोई आधार नहीं है। यह महज़ बच्चों द्वारा सॉफ़्टवेयर से छेड़छाड़ जैसी बातें हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के सभी आरोप खारिज कर दिए हैं।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी का समर्थन करते हुए ईवीएम में धांधली का आरोप लगाया और मतपत्रों की वापसी की मांग की। उन्होंने कहा—”क्या हम देश के चुनाव हैकर्स के हवाले कर सकते हैं? हमें पेपर बैलेट से चुनाव कराना चाहिए।” उन्होंने मतदाता सत्यापन पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) पर्चियां मतदाताओं को सौंपने की भी मांग की।

भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा—”वह सार्वजनिक रूप से बोलने से पहले तैयारी नहीं करते और लगातार झूठ फैलाते हैं।” उन्होंने तंज कसा कि राहुल गांधी अपनी ही पार्टी के उम्मीदवारों को खतरे में डाल रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर “पाकिस्तानी नैरेटिव” दोहराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा—”राहुल गांधी और उनका वामपंथी समूह वही बोलता है जिसे पाकिस्तान के विरोधी तत्व भारत के ख़िलाफ़ इस्तेमाल करते हैं।”
एनसीपी सांसद सुनील तटकरे ने राहुल गांधी के आरोपों को बचकाना बताते हुए कहा—”उन्हें बूथ संचालन की समझ नहीं है। मतदाता सूची नियमित रूप से अपडेट होती है और सुझाव-आपत्तियों पर विचार भी किया जाता है।”
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राहुल गांधी का बयान पूरी तरह झूठ है। उन्होंने तंज करते हुए कहा—”राहुल गांधी ने हाइड्रोजन बम की बात कही थी, लेकिन वह बम फुस्स साबित हुआ। वह बहुत सफाई से झूठ बोलते हैं, जो एक कला बन चुकी है।”
फडणवीस ने राहुल गांधी की रणनीति की तुलना नाजी मंत्री जोसेफ गोएबल्स के प्रचार से करते हुए कहा कि “वह कभी सबूत नहीं देते और बार-बार झूठ बोलते हैं।”
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी का प्रयास लोकतंत्र पर प्रहार करने और जनता को गुमराह करने का है। उन्होंने आरोप लगाया—”गलत और निराधार आरोप लगाना उनकी आदत बन गई है। जब इन आरोपों को प्रमाणित करने की बात आती है तो वह पीछे हट जाते हैं। यह उनकी ‘कीचड़ उछालो और भाग जाओ’ वाली राजनीति है।”
आपको बता दें कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए थे । उन्होंने कहा था कि—
“देशभर में मतदाता सूची से कांग्रेस, दलित, आदिवासी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वोटर्स के नाम सॉफ़्टवेयर के ज़रिए व्यवस्थित रूप से डिलीट किए जा रहे हैं।”
उदाहरण देते हुए उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र में 2023 में 6,018 वोटर डिलीट किए गए, जिनमें कांग्रेस समर्थक अधिक थे।
राहुल के अनुसार, यह प्रक्रिया फर्जी मोबाइल नंबर और सेंट्रलाइज्ड सिस्टम के जरिए की गई और इनको चुनाव आयोग की शह मिली।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह साजिश कर्नाटक ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बिहार तक फैली है।
राहुल गांधी ने चेतावनी दी थी कि यदि चुनाव आयोग सबूत कर्नाटक CID को नहीं सौंपता तो यह साबित होगा कि “संविधान की हत्या में आयोग भी शामिल है।”