‘कांग्रेस नेता के दावों को बताया गलत और निराधार; आलंद सीट विवाद पर आयोग ने जारी किया फैक्ट-चेक, वहीं भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने राहुल पर लगाया “लोकतंत्र को गुमराह करने” का आरोप’

चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपो को गलत और बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है।आयोग ने साफ तौर पर कहा मतदाता सूची से वोट को ऑनलाइन हटाना संभव ही नहीं है। आयोग ने अपने बयान में कहा कि राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप गलत और बिना आधार के हैं। कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन तरीके से मतदाता सूची से वोट नहीं हटा सकता, जैसे कि राहुल गांधी ने कहा है।
आरोप गलत और निराधार
आयोग ने बयान में यह भी कहा, “राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप गलत और निराधार है। कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन तरीके से मतदाता सूची से नाम नहीं हटा सकता जैसा कि राहुल गांधी ने कहा है। ईसीआई ने यह स्पष्ट किया कि बिना संबंधित व्यक्ति को सुनवाई को मौका दिए, मतदाता सूची से नाम हटाया नहीं जा सकता है । कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र में कथित तौर पर मतदाता सूची से हटाए गए नाम के विवाद पर आयोग ने कहा कि इस मामले को पिछले साल खुद ही आयोग ने ही उजागर किया था।

आयोग ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार 2018 में यह सीट बीजेपी के सुभाध गुट्टेदार ने जीती थी जबकि 2023 में कांग्रेस के बीआर पाटिल ने जीत हासिल की थी। इस बारे में आयोग ने एक फैक्ट चेक भी जारी किया था ।
अनुराग ठाकुर की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी की बातों पर अनुराग ठाकुर ने कहा, कि “अगर निष्पक्षता के साथ चुनाव आयोग काम कर रहा है तो राहुल गांधी का प्रयास है, कि लोकतंत्र पर प्रहार किया जाए लोकतंत्र को कमजोर किया जाए जनता और गुमराह किया जाए और जिस तरह से स्थिति बांग्लादेश और नेपाल की बनी है, वैसे स्थिति देश में झूठ बोल बोल कर पैदा कर दी जाए।
आगे, उन्होंने ये भी कहा कि “गलत और निराधार आरोप लगाने की राहुल गांधी की आदत बन गई है जब इन्हीं के द्वारा लगाया गए आरोपों को ऑथेंटिकेट करने की बात कही जाती है। तो पीठ दिखाकर भाग जाते हैं, शपथ पत्र देने के लिए कहा जाता है, तो मुंह फेर जाते हैं, कीचड़ उछालो और भाग जाओ और गलत आरोप लगाना राहुल गांधी जी की आदत बन गई है।
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