कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने दावा किया कि देशभर में कांग्रेस समर्थक, दलित, ओबीसी और अल्पसंख्यक वोटर्स को सॉफ्टवेयर के जरिए व्यवस्थित रूप से मतदाता सूची से हटाया जा रहा है।
राहुल ने कर्नाटक के आलंद विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि हजारों वोट फर्जी तरीके से डिलीट हुए हैं।
नईं दिल्ली: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की है । सभी मान कर चल रहे थे कि आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी के कथित तौर पर ‘ वोट चोरी’ पर ‘ हाइड्रोजन बम’ फोड़ेंगे। हालांकि, उन्होंने शुरुआत में ही कह दिया कि यह हाइड्रोजन बम नहीं हैं। हाइड्रोजन बम बाद में आएगा। यह इस देश को युवाओं यह दिखाने के लिए है कि चुनाव में किस तरह की धांधली की जा रही है। उन्होंने सीधा “मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाए उन्होंने दावा किया कि “देश भर में मतदाता सूची के नाम हटाने की प्रक्रिया को सॉफ्टवेयर और फर्जी तरीकों से हाईजैक किया जा रहा है राहुल के अनुसार यह साजिश खासकर दलित और अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी के मतदाताओं को टारगेट कर रही है”
चुनाव आयोग सुनियोजित तरीके से हटा रहा वोटर
राहुल गांधी का कहना है कि “चुनाव आयोग द्वारा कांग्रेस के वोटर को निशाना बनाया जा रहा है राहुल गांधी का आरोप है कि चुनाव आयोग सिस्टमैटिकली लाखों वोटर के नाम हटा रहा है उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक के आलंद में 2023 के चुनाव में किसी ने 6,018 वोट डिलीट किए हैं”।

राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर कहा “ज्ञानेश कुमार भारतीय लोकतंत्र को तबाह करने वालों को बचा रहे हैं उन्होंने कहा, कि ज्ञानेश कुमार को वोट चोरों को बचाना बंद करना चाहिए”।
आदिवासी, अल्पसंख्यक, ओबीसी वोटर्स भी डिलीट हो रहे
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया कि वोट चोरी कैसे पकड़ी गई। उनका कहना है कि “हमारे पास शत प्रतिशत सबूत है हिंदुस्तान के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार वोट चोरों की रक्षा कर रहे हैं। हर चुनाव में हमें रिपोर्ट आती थी कि वोटर डिलीट हो रहे हैं कांग्रेस वोटर्स डिलीट हो रहे हैं, यहां तक की दलित वोटर्स डिलीट हो रहे हैं, और आदिवासी, अल्पसंख्यक, ओबीसी वोटर्स भी डिलीट हो रहे हैं”।
राहुल गांधी ने आज की प्रेस ‘कॉन्फ्रेंस में कर्नाटक के आलंद विधानसभा हैं का भी जिक्र किया उनका कहना है कि “चोरी पकड़ी गई वहां की जो BLO थी। उसने देखा कि उसके रिश्तेदार को डिलीट कर दिया था। आलंद में 6,018 वोटर डिलीट हुए हैं। उसमें से उनकी रिश्तेदार थी, उन्होंने इस बारे में पता लगाया, तो पता चला कि पड़ोसी के रिश्तेदार को डिलीट किया गया है, उन्होंने उससे पूछताछ की उन्होंने कहा, कि मैंने तो डिलीट नहीं किया BLO को शक हुआ, पता चला कि कोई ना कोई किसी ने आलंद की में वोटर डिलीशन सिस्टमैटिकली तरीके से किया है। हमें ये नहीं मालूम कि आलंद में कितने वोटर्स डिलीट हुए हैं। इससे ज्यादा भी हो सकते हैं”।

साथी उन्होंने यह भी दावा किया कि ” मोबाइल नंबर कर्नाटक से नहीं यूज हो रहे हैं । मोबाइल नंबर दूसरे राज्यों के यूज हो रहे हैं” उन्होंने उदाहरण के तौर पर कहा “आप दिल्ली में बैठकर डिलीट कर रहे हो और आपका नंबर तमिलनाडु का है जब हम चेक कर रहे हैं तो वह आपका नंबर है, ही नहीं। इस से साफ़ हैं कि टारगेट करके कांग्रेस वोटर को डिलीट किया गया”।
कांग्रेस के वोटर्स को निशाना बनाया जा रहा
उन्होंने ऐसे दो लोगों के नाम लिए गोदाबाई और सूर्यकांत का राहुल ने कहा की गोदाबाई के नाम पर 12 वोटर्स डिलीट हुए हैं लेकिन उन्हें मालूम ही नहीं की सूर्यकांत के नाम पर 14 मिनट में 12 वोटर डिलीट हुए, लेकिन इनको कुछ मालूम ही नहीं हैं।
उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि ” कांग्रेस के वोटर्स को निशाना बनाया जा रहा है उन्होंने कहा, कि 10 में से 8 बूथ 2018 में कांग्रेस जीती थी, लेकिन 2023 में इनमें से 6,018 वोट डिलीट कर दिए गए।
उनका यह भी कथित तौर पर कहना है कि “फरवरी में 2023 में जांच शुरू होती है फिर, मार्च 2023 में कर्नाटक के सीआईडी चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखती हैं। और फिर, अगस्त में अधूरी जानकारी दी जाती है, जिससे कोई जांच आगे नहीं बढ़ेगी जिनकी जरूरत थी, वह नहीं दी गई। इसी के साथ दूसरा सबूत 18 बार चिट्ठियां भेजी लेकिन कुछ नहीं हुआ।
राहुल गांधी ने कहा, कि ” अब यहां सवाल इस बात का है कि यह कौन है जो सेंट्रलाइज्ड तरीके से अलग अलग प्रदेशों में वोट डिलीट कर रहे हैं और जोड़ रहे हैं, ज्ञानेश कुमार सब जानते हैं, महाराष्ट्र में इस सिस्टम से वोट ऐड हुए हैं, आलंद में डिलीट हुए हैं, वही सिस्टम महाराष्ट्र में चल रहा है जो कर्नाटक में चल रहा था उत्तरप्रदेश, हरियाणा, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र में भी वही काम हो रहा है।
राहुल गांधी ने कहा “मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार आप अपना काम कीजिए। आपसे कर्नाटक की सीआईडी सबूत मांग रही है। आप सीआईडी को यह सबूत एक हफ्ते में दे दीजिए। नहीं तो पूरा हिंदुस्तान इस बात को मानेगा कि आप हिंदुस्तान के संविधान की हत्या में शामिल हो और वोट चोरों की मदद कर रहे हो”