दिशा पाटनी के घर फायरिंग के मामले में एनकाउंटर कर दो आरोपियों को ढेर कर दिया गया है।
विवाद की जड़ उनकी बहन खुशबू पाटनी का संत अनिरुद्धाचार्य पर दिया बयान था।
जांच में गोल्डी बराड़ गैंग की साजिश का खुलासा हुआ।
दिशा पाटनी के घर फायरिंग के मामले में यूपी एसटीएफ एनकाउंटर कर दो आरोपियों को ढेर कर दिया है। एसटीएफ की कार्रवाई में रविंद्र और अरुण दोनों में मारे गए। जांच में खुलासा हुआ था कि गैंगस्टर गोल्डी बरार गैंग ने साजिश रची थी। एसटीएफ की कार्यवाही में दो आरोपी देर कर दिए गए जबकि दो अभी भी फरार है कार्रवाई के बाद दिशा के पिता जगदीश पत्नी ने वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया।
अभिनेत्री Disha patani के घर पर हुई फायरिंग ने सभी को चौंका दिया था । विवाद की जड़ उनकी बहन खुशबू पाटनी का संत अनिरुद्धाचार्य पर दिया बयान था। मामला बढ़ने के बाद खुशबू ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा था कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया और परिवार हमेशा साधु-संतों का सम्मान करता है। पिता जगदीश पाटनी ने इसे साज़िश बताया।
खुशबू पाटनी ने क्या कहा?
फायरिंग के बाद खुशबू पाटनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी का मकसद किसी संत या धार्मिक गुरु का अपमान करना नहीं था। उनकी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। खुशबू ने स्पष्ट किया कि उनका परिवार सनातनी है और हमेशा से साधु-संतों का सम्मान करता आया है।
पिता जगदीश पाटनी की प्रतिक्रिया
दिशा के पिता जगदीश पाटनी ने इसे एक “साज़िश” करार दिया था । उन्होंने कहा कि उनकी बेटी खुशबू को जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि गोलीबारी के दौरान वे घर में ही मौजूद थे और एक गोली उनसे कुछ ही दूरी पर आकर लगी। उन्होंने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए प्रशासन से सख़्त कार्रवाई की मांग की।
घटना कैसे हुई थी ?
रिपोर्ट्स के अनुसार, दो बाइक सवार हमलावर बरेली के सिविल लाइन्स इलाके में दिशा पाटनी के घर के बाहर आए और 8 से 10 राउंड फायरिंग की थी । गोलीबारी इतनी नज़दीक हुई कि दिशा पाटनी के पिता बाल-बाल बच गए। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी और सुरक्षा कड़ी कर दी। हालांकि, गोल्डी बराड़ गैंग ने इस घटना की जिम्मेदारी ली थी।
विवाद की जड़
फायरिंग की वजह खुशबू पाटनी के हालिया सोशल मीडिया बयान से जुड़ी है। पेशे से फिटनेस ट्रेनर और डॉक्टर ऑफ फिज़ियोथेरेपी खुशबू ने कुछ दिन पहले संत अनिरुद्धाचार्य के एक बयान की आलोचना की थी। अनिरुद्धाचार्य ने प्रवचन में कहा था—“25 साल से उपर की लड़कियाँ अगर लिव-इन रिलेशनशिप में रहती हैं तो उनकी इज्ज़त खत्म हो जाती है।” खुशबू ने इसे महिला सम्मान पर हमला बताते हुए खुलकर विरोध किया था।