कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने पंजाब बाढ़ को लेकर सीएम भगवंत मान सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि चेतावनियों को नज़रअंदाज कर प्रशासन ने बड़ी गलती की। खैरा ने मुआवज़े और सख्त जांच की मांग की। बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं।
पंजाब के काँग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने पंजाब बाढ़ पर सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बाढ़ संभालने में बड़ी चूक की है और यह आपराधिक लापरवाही के बराबर है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, सुखपाल सिंह खैरा ने हालिया बाढ़ को लेकर सीएम भगवंत मान और उनकी सरकार की निंदा की है। उनका आरोप है कि सरकार द्वारा चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया इसलिए नुकसान बहुत बड़ा हुआ।
खैरा ने कहा कि खास तौर पर रणजीत सागर डैम से पानी छोड़ने और नियंत्रित करने में गलतियां हुई। उनके मुताबिक, अगर समय पर फैसला लिया गया होता तो कई इलाकों में बाढ़ का असर कम होता।
उन्होंने सरकार से मुआवजे और सख्त जांच की मांग भी की। खैरा ने प्रस्तावित मुआवजों को लेकर भी नाराजगी जतायी। खेती के नुकसान, घरों के नुकसान और पशुओं के नुकसान के लिए अलग अलग राशि पर आपत्ति व्यक्त करते हुए जवाबदेह अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की मांग की। बाढ़ से पंजाब में लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। खेतों में खड़ी फसलें बह गई, घरों में पानी घुसा और सड़कों पुलों को बड़ा नुकसान पहुँचा। कई इलाकों में गांवों से लोगों को निकाला गया और राहत शिविर बनाए गए।
स्थानीय लोग बुनियादी मदद जैसे साफ पानी, दवाइयाँ, खाने के पैकेट की मांग कर रहे हैं। किसान खासकर चिंतित हैं क्योंकि फसल जाने से उनके आजीविका पर सीधा असर पड़ा है।
सरकार ने क्या कहा?
सरकार का दावा है कि उसने राहत और सफाई के कामों के लिए पैकेज और टीमें भेजी हैं। राज्य प्रशासन ने कहा है कि प्रभावित इलाकों से मलबा हटाने, स्वास्थ्य कैंप और पशु-देखभाल के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। साथ ही SDRF और अन्य फंड से मदद दी जा रही है।