काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने दोहराई हिंदू राष्ट्र की मांग, बोले सामाजिक सद्भाव और विश्व शांति के लिए यह जरूरी।
अपनी कथा और प्रवचनों से ज्यादा बयानों के कारण सुर्खियों में रहने वाले आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। शनिवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना अब बेहद ज़रूरी है। धीरेंद्र शास्त्री ने घोषणा की कि वे 7 से 15 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा करेंगे। लगभग 140 किलोमीटर लंबी यह यात्रा भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के संदेश के लिए होगी।
शास्त्री का बयान
“”नेपाल में हालात बेकाबू हो रहे हैं भारत को पड़ोसी देशों के हालात से भारत को सबक लेना चाहिए। भारत को घोषित रूप से हिंदू राष्ट्र बनाने का संकल्प बहुत जरूरी है।हम 7 से 16 नवंबर तक पदयात्रा इसलिए कर रहे हैं ताकि भारत के राज्यों में भी नेपाल की तरह ही हालत न हो जाए। विश्व में शांति स्थापित करने के लिए हिंदू राष्ट्र एकमात्र उपाय हैं। भारत हिंदू राष्ट्र घोषित होगा तब यह जो हिंदू मुसलमान का विवाद है यह भी सुलझ जाएगा।”
गयाजी, भारत पाक मैच पर क्या बोले भी बोले
बिहार यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर शास्त्री ने कहा कि वे गया जी में पिंडदान के लिए जाएंगे। और “हम तो युगांडा भी गए थे, वहां कौन सा चुनाव हो रहा था? भारत–पाकिस्तान मैच पर बस इतना कहूंगा कि खेल तो खेल है, लेकिन जो हमारे साथ गद्दारी करें, उनके साथ क्या खेला जाए?”
कुछ दिन पहले भी हुआ था विवाद
इससे कुछ दिन पहले ही आगरा में हुई एक कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था कि “हिंदुस्तान में कन्वर्टेड हैं, असली मुसलमान विदेशों में रहते हैं।” उनके इस बयान पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने तीखा हमला बोला था। “हकीकत यह है कि सबसे पहले इंसान हज़रत-ए-आदम आए थे। चाहे कोई भी धर्म मानने वाला हो, सब हज़रत-ए-आदम की औलाद हैं। अगर आदम मुसलमान थे तो उनकी औलाद को आप क्या कहेंगे? और फिर धीरेंद्र शास्त्री खुद को किस श्रेणी में रखेंगे?”